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नूंह, मेवात और फिर गुरुग्राम... हरियाणा में क्यों भड़की हिंसा, मोनू मानेसर से क्या है कनेक्शन?

हरियाणा के मेवात-नूंह इलाके में सोमवार को दो पक्षों में विवाद और पत्थरबाजी के बाद बड़ी हिंसा हुई है. जहां हिंदू संगठनों द्वारा निकाली जा रही ब्रजमंडल यात्रा के दौरान दो गुटों में टकराव हुआ. पचासों गाड़ियां आग के हवाले कर दी गईं. पुलिस बल तक हिंसा पर काबू पाने के लिए शुरुआत में कम पड़ गया. मेवात-नूंह इलाका गो तस्करी के विवाद में पहले से बेहद संवेदनशील रहा है.

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हरियाणा के नूंह में हिंसा और आगजनी हुई है.
हरियाणा के नूंह में हिंसा और आगजनी हुई है.

हरियाणा के मेवात और नूंह में दो समुदायों के बीच जबरदस्त बवाल हुआ. दोनों समुदाय ने एक-दूसरे पर जमकर पत्थर चलाए. कई गाड़ियों में तोड़फोड़ और आगजनी की. मेवात में भगवा यात्रा के दौरान बवाल हुआ और हंगामा इतना बढ़ा कि पत्थर के साथ साथ गोली भी चली, इस पथराव में कई लोग घायल हो गए. नूंह हिंसा में दो होमगार्डस और एक नागरिक की मौत हो गई. 10 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. हिंसा अब गुरुग्राम तक फैल गई है. सोहना में भी आगजनी हुई है.

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हरियाणा में नूंह के मेवात में ये बवाल हो रहा है. बताया जा रहा है कि यहां विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता भगवा यात्रा निकाल रहे थे. जैसे ही यात्रा नूंह झंडा पार्क पहुंची तो पथराव शुरू हो गया. यहां गाड़ियों पर ना सिर्फ पथराव किया गया, बल्कि गाड़ियों को आग के हवाले भी किया गया. आरोप लगाया जा रहा है कि ये पथराव और गोलीकांड मुस्लिम पक्ष के लोगों ने किया है. पथराव के बाद हिंदू पक्ष के लोग भी भड़क उठे.

मंदिर में फंसे लोग, रेस्क्यू किए गए

ये इलाका देश की राजधानी से सिर्फ डेढ़ घंटे की दूरी पर है. मेवात जैसे इलाके में धार्मिक यात्रा पर पथराव से तनाव बढ़ गया. मंदिर को घेरकर हमले का दावा किया गया. मंदिर में दावा रहा कि सैकड़ों लोग फंस गए, जिन्हें बाद में रेस्क्यू तक किया गया.

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सोहना

चाहे मरना पड़े, हम नहीं जाएंगे यहां से

हिंदू पक्ष का आरोप है कि उन्होंने प्रशासन को 6 महीने पहले ही यात्रा के बारे में बता दिया था, यात्रा के साथ हरियाणा पुलिस के कुछ जवान भी थे, मगर जैसे ही हंगामा बरपा आरोप है कि पुलिस वाले भाग गए. वीएचपी के एक कार्यकर्ता का कहना था कि चाहे मरना, लेकिन हम यहां से नहीं जाएंगे.

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पुलिस नहीं दिखी, पुलिस भाग गई 

बताया जा रहा है कि एक पक्ष कई दिनों से इस भगवा यात्रा का विरोध कर रहा था और आखिरकार यात्रा में हंगामा हो गया, जिसमें कई लोग घायल बताए जा रहे हैं. फिलहाल, मेवात में हालात संवेदनशील हैं.

सोहना

नूंह के कार्यवाहक एसपी नरेंद्र बिजारनिया ने कहा, आज की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है. नूंह में स्थिति नियंत्रण में है. जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. कुछ (पुलिस) बल के सदस्यों को भी चोटें आई हैं. शोभायात्रा के दौरान झड़प हुई. घटना के पीछे के कारण पता किए जा रहे हैं. कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं.

नूंह में कर्फ्यू के आदेश 

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नूंह के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत पंवार का कहना है, पुलिस मामले की जांच कर रही है. इंटरनेट सेवाएं 3 दिन के लिए सस्पेंड की गई हैं. जिले में धारा 144 लागू की गई है. कर्फ्यू के आदेश दिए गए हैं. हम सभी से शांति बनाए रखने की अपील करते हैं. सभी फंसे हुए लोगों को बचा लिया गया है. एक के हताहत होने की सूचना है. स्थिति अब सामान्य है. जिले में कर्फ्यू लगाया गया है. वहीं, गुरूग्राम के पुलिस कमिश्नर ने कहा, सोहना में स्थिति तनावपूर्ण है. माहौल में शांति बनाए रखने की कोशिश की जा रही है. हम नजर रख रहे हैं.

नूंह हिंसा

गुरुग्राम तक पहुंची हिंसा, गाड़ियां क्षतिग्रस्त

सबसे पहले हरियाणा के नूंह में धार्मिक जुलूस के दौरान हिंसा भड़की और अब इस हिंसा की लपटें गुरुग्राम तक फैल गई हैं. हिंसक प्रदर्शन के दौरान पथराव, नारेबाजी और आगजनी की खबरें आने से हालात बिगड़ गए. गुरुग्राम में सोहना रोड के पास दो समुदायों के प्रदर्शनकारी आपस में भिड़ गए. हाईवे पर तीन वाहन क्षतिग्रस्त कर दिए गए. कई वाहनों में आग लगा दी गई. गुरुग्राम जिले के सोहना में भीड़ ने चार वाहनों और एक दुकान में आग लगा दी. प्रदर्शनकारियों ने घंटों तक सड़क भी जाम कर दी. गुरुग्राम के उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने सोशल मीडिया पर किसी भी आपत्तिजनक पोस्ट के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है.

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नूंह में तीन दिन के लिए इंटरनेट सस्पेंड

पुलिस के मुताबिक, भीड़ ने पथराव किया. कारों में आग लगा दी. घटना के बाद नूंह में धारा 144 लागू कर दी गई. एहतियात के तौर पर जिले में 2 अगस्त तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गईं. सूत्रों ने बताया कि बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (VHP) द्वारा संयुक्त रूप से ब्रज मंडल यात्रा आयोजित की जा रही थी, इसी यात्रा पर पथराव किया गया. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और अन्य नेताओं ने लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है.

नूंह हिंसा

क्यों भड़की हिंसा?

- खबरों के मुताबिक, नूंह जिले के नंद गांव के पास विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता रैली निकाल रहे थे. इस बीच, लोगों के एक समूह ने पथराव कर दिया. यह हिंसा गोरक्षकों और भिवानी मौत मामले के आरोपी मोनू मानेसर के मेवात जाने की खबरों पर भड़की. इस साल फरवरी में नासिर और जुनैद की मौत मामले में दर्ज एफआईआर में मोनू मानेसर का नाम था. हरियाणा के भिवानी जिले में एक बोलेरो में दो लोगों के जले हुए अवशेष पाए गए थे.
- मोनू मानेसर ने लोगों से बजरंग दल के सदस्यों द्वारा निकाली जाने वाली शोभा यात्रा में शामिल होने की अपील की थी. हालांकि, इलाके के लोगों ने इस पर गुस्सा जताया. मोनू के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी गई थी. वहीं, मोनू मानेसर ने कहा कि उन्होंने यात्रा में हिस्सा नहीं लिया. क्योंकि विहिप ने आने से मना कर दिया. यात्रा में तनाव बढ़ने की आशंका जताई थी. 
- सोमवार को यात्रा निकाले जाने के बाद झड़प हो गई. घटना के विजुअल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किए गए. एक वीडियो में मेवात में वाहनों को आग के हवाले करते हुए दिखाया गया है.

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हेलिकॉप्टर से भेजे गए सुरक्षाबल के जवान

हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने पथराव की घटना की पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद के सदस्यों ने पुलिस से अनुमति मिलने के बाद मेवात में यात्रा निकाली. हालांकि, जब यात्रा नंद गांव पहुंची तो दूसरे समुदाय के लोगों ने यात्रा पर पथराव शुरू कर दिया. आसपास के जिलों से पुलिस टीमों को मेवात में तैनात किया जा रहा है. उन जगहों पर हेलिकॉप्टर से जवानों को भेजा जा रहा है, जहां सड़कें अवरुद्ध हैं. विज ने लोगों से राज्य में शांति बनाए रखने की अपील की.

नूंह हिंसा

पूरे दिन क्या-क्या हुआ...

- विश्व हिंदू परिषद ने सोमवार को बृज मंडल जलाभिषेक यात्रा का आयोजन किया, जिसे भाजपा जिलाध्यक्ष गार्गी कक्कड़ ने गुरुग्राम के सिविल लाइंस से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यात्रा के साथ पुलिस की एक टुकड़ी तैनात की गई थी.
- पुलिस ने कहा कि यात्रा को नूंह के खेड़ला मोड़ के पास लोगों के एक समूह ने रोक दिया और जुलूस पर पत्थर फेंके गए. कुछ ही देर बाद कारों में भी आग लगा दी गई. खबरों के मुताबिक, यह झड़प बल्लभगढ़ में बजरंग दल के एक कार्यकर्ता द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक आपत्तिजनक वीडियो के कारण शुरू हुई थी.
- पहले खबरें थीं कि मोनू मानेसर के यात्रा में शामिल होने की अफवाह फैलने के बाद हिंसा भड़की. मोनू पर दो मुस्लिम व्यक्तियों की हत्या का मामला दर्ज किया गया था, जिनके जले हुए शव फरवरी में भिवानी जिले में पाए गए थे.
- हालांकि, मोनू मानेसर ने दावा किया कि उन्होंने वीएचपी की सलाह पर यात्रा में भाग नहीं लिया. क्योंकि उनकी उपस्थिति से तनाव पैदा होने की आशंका है.
- हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. दो होमगार्ड नीरज और गुरसेवक की मौत हो गई. एक नागरिक की भी जान गई है. बाकी घायल पुलिसकर्मियों को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल ले जाया गया. घायलों में होडल के पुलिस उपाधीक्षक सज्जन सिंह के सिर में गोली लगी, जबकि एक इंस्पेक्टर के पेट में गोली लगी.
- कुछ ही देर बाद नूंह की हिंसा सोहना तक फैल गई. गुरुग्राम में हिंसक प्रदर्शन के दौरान पथराव, नारेबाजी और आगजनी की घटनाएं सामने आईं.
- हिंसक घटनाओं के मद्देनजर गुरुग्राम और नूंह में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई.
- हरियाणा सरकार ने कहा, नूंह जिले में बुधवार, 2 अगस्त तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं.
- गृह मंत्री अनिल विज ने कहा- राज्य सरकार ने पड़ोसी जिलों से अतिरिक्त बल नूंह भेजा है. उन्होंने कहा कि वे हेलिकॉप्टरों का उपयोग करके सेना भेजने की कोशिश कर रहे हैं.

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नूंह हिंसा


- नूंह के एक शिव मंदिर में शरण लेने वाले करीब 2,500 पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को पुलिस ने बाहर निकाला.
- हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शांति की अपील की और कहा- नागरिकों को 'हरियाणा एक, हरियाणवी एक' का पालन करना चाहिए.
- मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.

क्या है भिवानी कांड का पूरा मामला?

- हरियाणा के भिवानी के लोहारू में 16 फरवरी यानी गुरुवार को जली हुई एक बोलेरो कार में दो कंकाल मिले थे. मरने वालों की पहचान नासिर (25) और जुनैद (35) के रूप पर हुई. दोनों राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले थे. परिजन ने नासिर और जुनैद के अगवा होने की शिकायत दर्ज कराई थी. 
- शिकायत में कहा था कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दोनों का भरतपुर से अपहरण किया. इस मामले में पुलिस ने बजरंग दल और गौ रक्षा दल के मोनू मानेसर समेत 5 लोगों पर मामला दर्ज किया था.

नूंह हिंसा


-  जुनैद और नासिर की हत्या का मामला गौ तश्करी से जुड़ा होने का दावा किया था. दरअसल, जुनैद पर गौ तस्करी के 5 मामले दर्ज थे. जबकि नासिर का कोई क्राइम रिकॉर्ड नहीं मिला था.
- आरोपी मोनू मानेसर के समर्थन में हरियाणा में महापंचायत बुलाई गई थी. इस महापंचायत में कहा गया था, 'पुलिस अगर मोनू के गांव गई तो अपने पैरों पर वापस नहीं जाएगी.' वहीं, एसीपी हरिंदर कुमार ने कहा था, अगर जरूरी हुआ तो पुलिस निश्चित रूप से गांव में दाखिल होगी. 

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कौन है मोनू मानेसर? 

मोनू मानेसर का पूरा नाम मोहित है. वह मानेसर का रहने वाला है. पिछले 10-12 साल से बजरंग दल से जुड़ा है. वह पिछले कुछ सालों से गो तस्करों से मुठभेड़ में मुख्य चेहरे के तौर पर सामने आया है. मोनू पर युवक को गोली मारने का भी आरोप लग चुका है. मोनू काउ प्रोटेक्शन टास्क फोर्स का भी सदस्य है.

नूंह हिंसा

 

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