उत्तरकाशी में टनल में काम करने के दौरान 41 मजदूर टनल धंसने से फंस गए थे. मजदूरों को निकालने में दिक्कतें आईं, वो पूरे देश ने देखीं. विदेश से मंगाई गई मशीन भी इस रेस्क्यू में कुछ हद तक नाकाम रही. मजदूरों को निकालने में एक टीम बिना रुके और थके जुटी रही. आज यह टीम जब हरियाणा के सोनीपत पहुंची तो लोगों ने धूमधाम से स्वागत किया. उनके सम्मान में एक रोड शो किया गया.
41 मजदूरों को टनल से सुरक्षित बाहर निकलने वाले नेशनल हीरोज का कहना है कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बार उनकी पीठ थपथपा दें तो उनसे बड़ा इनाम कोई नहीं होगा.
रेस्क्यू करने वाली टीम जब सोनीपत पहुंची तो फूल माला और गाजे बाजे के साथ स्वागत किया गया. यह 12 सदस्यीय टीम के लोग उत्तर प्रदेश और दिल्ली के रहने वाले हैं. उत्तरकाशी टनल रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने वाले सदस्य गैस पाइपलाइन के साथ-साथ सीवरेज डालने का काम करते हैं. इन्होंने बड़ी बारीकी से टनल मलबे को हटाते हुए 41 मजदूरों को बाहर निकाला.
उत्तरकाशी में टनल रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने वाले सदस्यों का कहना है कि जब हमें कॉल आया कि हमें उत्तरकाशी में टनल फंसे हुए 41 मजदूरों को बाहर निकालने का काम करना है तो हमने पूरी टीम को एकत्रित किया. उस रात हम सो नहीं पाए और अगले दिन उत्तरकाशी के लिए रवाना हुए. इसके बाद वहां स्थिति का जायजा लिया.
सेना के अफसरों ने पूछा था- क्या हम ऑपरेशन को पूरा कर लेंगे
रेस्क्यू टीम ने बताया कि मौके पर मौजूद सेना के अधिकारी हमसे पूछ रहे थे कि क्या हम रेस्क्यू ऑपरेशन को पूरा कर लेंगे. हमने बड़ी शिद्दत से हां में जवाब दिया था. जब वहां पर बड़ी-बड़ी मशीन काम कर रही थीं तो जो सरिया टनल बनाने में काम आते हैं, वह उस मशीन को खराब कर रहे थे, जिसके चलते हमने उन मशीनों को पहले बाहर निकाला.
'पत्थरों को काटते हुए मजदूरों तक पहुंच गए'
इसके बाद धीरे-धीरे हम उन दिक्कतों को और पत्थरों को काटते हुए आगे निकल गए, जो कि इस रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा बन रहे थे. जब हम वहां पर पहुंचे तो हमें उन मजदूरों से मिलकर खुशी का एहसास हुआ. यह पल हमारे लिए सबसे बड़ा पल था. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने हमारा हौसला बढ़ाया. हमारी इच्छा है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बार हमारी पीठ थपथपाएं, उससे बड़ा सम्मान हमारे लिए कोई भी नहीं होगा.
सोनीपत में इस रेस्क्यू टीम के स्वागत समारोह में जगह-जगह कार्यक्रम रखे गए और खुली जीप में बैठाकर रोड शो निकाला गया. स्वागत समारोह को आयोजित करने वाले वकील राजीव वर्मा का कहना है कि हमारी सरकार से मांग है कि इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाले मजदूरों को आर्थिक सहायता दी जाए और सरकारी नौकरी दी जाए.