बीते महीने रेवाड़ी के कोसली क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग छात्रा से रेप के तीसरे आरोपी को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया है. घटना के बाद से ही गांव की बच्चियों ने पड़ोस के गांव में स्कूल जाना बंद कर दिया, वहीं पीडब्लूडी मंत्री राव नरवीर सिंह ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि उनके गांव के स्कूल को छात्राओं की पढ़ाई के लिए अपग्रेड किया जाएगा.
गौरतलब है कि आसपास के 21 गांव के लोग मामले को लेकर पंचायत करने की बात कही है. लोगों ने मांग रखी थी कि रेप केस में फरार तीसरे आरोपी की जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनके सुमाखेड़ा गांव के स्कूल को अपग्रेड किया जाए ताकि बेटियों को पड़ोस के गांव नहीं जाना पड़े.
बता दें कि बीते महीने 18 अप्रैल को इलाके की एक नाबालिग छात्रा का स्कूल जाते वक्त अपहरण कर लिया गया, जिसके साथ तीन लोगों ने कथित तौर पर रेप किया. मामला सामने आने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज हुई. कार्रवाई में तीन आरोपियों में से दो को गिरफ्तार किया गया था.
दूसरे गांव में पढ़ने जाती हैं बेटियां
गांव वालों की मांग है कि सरकार उनकी गांव में स्थित स्कूल को ही अपग्रेड कर वहां लड़कियों की पढ़ाई की सुविधा दे. मौजूदा समय में छात्राओं को अपने गांव से पास के दूसरे गांव में पढ़ने जाना पड़ता है. 18 अप्रैल को स्कूल जाने के क्रम में ही छात्रा का अपहरण हुआ था. इसके बाद इलाके की बाकी छात्राओं में भी भय का माहौल है, लिहाजा उन्होंने भी स्कूल जाना छोड़ दिया है.
ग्रामीणों ने कहा है कि जब तक बच्चों की सुरक्षा नहीं दी जाती तब तक वे बेटियों स्कूल नहीं भेजेंगे. मामले को लेकर डीएसपी खुद ग्रामीणों से मिलने पहुंचे और सुरक्षा का भरोसा दिलाया.
बाइक से आया था आरोपी
गौरतलब है कि 18 अप्रैल रोज सोमवार को एक छात्रा अपने पड़ोस के गांव में स्कूल जाने के लिए निकली थी. सुबह करीब साढ़े सात बजे नौवीं कक्षा की यह छात्रा कुछ दूरी पर ही पहुंची थी कि पड़ोसी गांव का 32 वर्षीय युवक बाइक लेकर उसके पहुंच गया और उसे स्कूल तक छोड़ने की बात कही. परिचित होने पर वह बाइक पर बैठ गई. ग्रामीणों के अनुसार युवक उसे जबरन नेहरू कैनाल पर ले गया, जहां पहले से उसके दो साथी मौजूद थे. आरोप है कि युवक ने अपने साथियों के सहयोग से छात्रा के साथ रेप किया और फिर उसे स्कूल के पास छोड़ गया.
अपने गांव में सिर्फ पांचवीं तक है स्कूल
शिकायत के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अनिल कुमार और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया. उसके खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया. दो साल पहले भी उनके गांव की लड़कियों के साथ पड़ोसी गांव के युवकों ने छेड़छाड़ की थी. तब बच्चों को स्कूल भेजने से रोक दिया था.
ग्रामीणों का कहना है कि दोनों गांवों के बीच की दूरी तीन किलोमीटर है और आवागमन के साधन नहीं है. ऐसे में लड़कियों को पैदल ही स्कूल तक जाना पड़ता है. जबकि उनके गांव में सिर्फ पांचवीं तक स्कूल है.