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गुरुग्राम में साइबर ठगी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, फर्जी लोन देकर लोगों को लगाते थे चूना

गुरुग्राम पुलिस ने दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया, जो बिना दस्तावेज लोन देने का झांसा देकर लोगों से ठगी करते थे. आरोपियों ने एक व्यक्ति के नाम पर 1.30 लाख रुपये का फर्जी लोन लिया. पुलिस ने उनके पास से दो मोबाइल और 2 हजार 700 रुपये बरामद किए. गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है.

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AI जेनरेटेड (सांकेतिक तस्वीर).
AI जेनरेटेड (सांकेतिक तस्वीर).

गुरुग्राम पुलिस ने दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. ये बिना किसी दस्तावेजी प्रक्रिया के लोन देने का झांसा देकर लोगों से ठगी करते थे. पुलिस ने इनके पास से दो मोबाइल फोन और 2 हजार 700 रुपये नकद बरामद किए हैं. पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और गिरोह में शामिल अन्य लोगों की तलाश की जा रही है.

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दरअसल, एक पीड़ित व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई कि दिसंबर 2024 में गुरुग्राम के उद्योग विहार में लोन देने का एक पोस्टर देखा. जिसमें बिना किसी दस्तावेज के लोन उपलब्ध कराने का दावा किया गया था. जब उसने दिए गए नंबरों पर संपर्क किया, तो उसे गुरुग्राम के सेक्टर 11 में मिलने के लिए बुलाया गया. इसके बाद आरोपी उसे एक इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम ले गए और बताया कि 30 हजार रुपये का लोन मंजूर हो गया है.

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लाखों की ठगी का हुआ खुलासा

इस रकम से 28 हजार रुपये उसे मिलेंगे. लेकिन जब उसे सिर्फ 20 हजार रुपये दिए गए और बाकी रकम मांगने पर धमकाया गया, तो उसे शक हुआ. फरवरी 2025 में पीड़ित को पता चला कि आरोपियों ने उसके नाम पर दो फर्जी लोन लेकर कुल 1.30 लाख रुपये निकाल लिए हैं. इसके बाद उसने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ईस्ट में शिकायत दर्ज कराई.

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कैसे करते थे ठगी?

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लोन देने के नाम पर लोगों के बैंक और सिविल रिकॉर्ड की जानकारी हासिल कर लेते थे. इसके बाद वे उनके नाम पर लोन स्वीकृत कराकर कुछ रकम लौटा देते थे और शेष पैसे खुद रख लेते थे.

गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहित (गुरुग्राम के कृष्णा नगर, सेक्टर 10 निवासी) और मुकीम (उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर निवासी) के रूप में हुई है. एसीपी साइबर प्रियांशु दीवान ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और गिरोह में शामिल अन्य लोगों की तलाश की जा रही है.

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