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साइबर ठगों को जन धन खातों का डेटा बेचने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, 10 हजार में बेचते थे एक अकाउंट

दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम में साइबर अपराधियों को जन-धन खातों की सूचना बेचने के आरोप में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है. रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी खाता खुलवाने के बाद खाते का एटीएम कार्ड और मोबाइल नंबर लेकर उसे सरकारी पंजीकरण के नाम पर अपने पास रख लेते थे. बाद में ये खाते साइबर ठगों को 10,000 में बेच दिए जाते थे.

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सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम में साइबर अपराधियों को जन धन योजना के तहत खुले बैंक खातों का डेटा उपलब्ध कराने के आरोप में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है.

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यह मामला 14 जनवरी को उस समय सामने आया जब एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई कि दो लोग जन धन योजना के तहत बैंक खाता खोलने के बहाने उसका और उसकी पत्नी का एटीएम कार्ड और सिम कार्ड लेकर फरार हो गए.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों ने उससे कहा था कि सरकार द्वारा जन धन खाते में हर महीने 7,000 रुपये दिए जाएंगे. उन्होंने खाता खोलने के नाम पर शिकायतकर्ता और उसकी पत्नी के दस्तावेज़ ले लिए. जब दो दिन बाद भी आरोपियों ने दस्तावेज़ और एटीएम कार्ड वापस नहीं किए, तो शिकायतकर्ता बैंक पहुंचा. वहां पता चला कि उसके खाते से भारी रकम का लेन-देन हो चुका है.

कैसे करते थे धोखाधड़ी?

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वो लोगों को जन धन योजना के तहत खाता खोलने के लिए तैयार करते थे. इसके लिए वे फर्जी किरायानामा और बिजली के बिल जैसे दस्तावेज़ तैयार करते थे. खाता खुलवाने के बाद वे खाते का एटीएम कार्ड और मोबाइल नंबर लेकर उसे सरकारी पंजीकरण के नाम पर अपने पास रख लेते थे. बाद में ये खाते साइबर ठगों को 10,000 में बेच दिए जाते थे.

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पुलिस ने आरोपियों के पास से पांच बैंक खातों की पासबुक, एक फर्जी किरायानामा और एक बिजली का बिल बरामद किया है. गुरुग्राम के एसीपी (साइबर क्राइम) प्रियांशु देवन ने बताया कि आरोपियों के नेटवर्क और उनके अन्य साथियों की पहचान के लिए जांच जारी है.

 

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