हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को कहा कि 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' कैंपेन के तहत राज्य की सभी महिला सरपंचों या ग्राम प्रधानों को अपने-अपने गांवों का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया जाएगा. इस पहल का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए अभियान में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है.
उन्होंने कहा कि लिंगानुपात में सुधार के लिए वर्तमान राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत उठाए गए कदमों की देशभर में सराहना हो रही है. एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की.
'10 हजार आंगनवाड़ी केंद्रों को बनाएंगे 'सक्षम''
सीएम ने कहा कि अगले पांच वर्षों में राज्य में 10,000 आंगनवाड़ी केंद्रों को 'सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों' के रूप में विकसित किया जाएगा. 563 आंगनवाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों में अपग्रेड करने के लिए भारत सरकार से 563 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ है.
सैनी ने कहा कि विभाग ने 2,307 आंगनवाड़ी केंद्रों को अपग्रेड करने के लिए भारत सरकार को एक और प्रस्ताव भी भेजा है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जनता में जागरूकता बढ़ाने के अलावा, प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीएनडीटी) अधिनियम, 1994 के प्रावधानों को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए.
'लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित करें नुक्कड़ नाटक'
उन्होंने लोगों को बालिकाओं को बचाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए गांवों में 'नुक्कड़ नाटक' और अन्य कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया. सीएम सैनी ने यह भी प्रस्ताव रखा कि इन कार्यक्रमों में गांव की सभी महिलाओं को आमंत्रित किया जाना चाहिए, जिन्हें समुदाय की सबसे बुजुर्ग महिलाएं संबोधित करेंगी.