अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा ने दावा किया है कि करनाल में हुए लाठीचार्ज के बाद एक किसान की मौत हो गई है. किसान का नाम सुशील काजल है. किसानों ने पुलिस पर हत्या करने का आरोप लगाया है. मजदूर सभा ने रामपुर जटा गांव के किसान की मौत पर पुलिस के रवैये पर सवाल उठाया है.
अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा के महासचिव डॉक्टर आशीष मित्तल ने कहा कि पुलिस ने एसडीएम के आदेश पर बसताड़ा टोल, करनाल में किसानों पर लाठियां बरसाई थीं. शुक्रवार रात में ही सुशील ने चोट लगने की वजह से दम तोड़ दिया.
अखिल भारतीय किसान सभा ने एसडीएम की गिरफ्तारी की मांग की है. उनके आदेश की वीडियो क्लिपिंग के मुताबिक उन्होंने साफ तौर पर सिपाहियों से कहा था कि कोई भी जेल जाने वाला किसान, बिना सिर पर चोट के नहीं पाया जाना चाहिए.
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जगह-जगह किसान करें चक्का जाम
किसान सभा ने अपनी सारी इकाइयों और किसानों से अपील की है कि वे जगह-जगह विरोध प्रदर्शन करें और चक्का जाम आयोजित करें. किसानों ने यह भी साफ कर दिया है कि जब तक केंद्र सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी, तब तक किसान अपनी मांग से पीछे नहीं हटेंगे.
अधिकारियों पर हत्या का चले केस!
अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी हरियाणा सरकार और एसडीएम पर हमाल बोला है. उन्होंने कहा है कि हरियाणा पुलिस की लाठीचार्ज में किसान सुशली काजल ने जान गंवा दी. उनके सिर पर बार-बार वार किया गया. हम मांग करते हैं कि एसडीएम और किसानों को मारने का आदेश देने वाले अधिकारियों के खिलाफ धारा 302 के तहत केस दर्ज किया जाए.
क्या था एसडीएम आयुष सिन्हा का फरमान?
दरअसल करनाल में पुलिस ने सीएम मनोहर लाल खट्टर का विरोध कर रहे किसानों पर शनिवार को बड़े स्तर पर लाठीचार्ज हुआ. करनाल के एसडीएम आयुष सिन्हा का सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वे विरोध करने वालों को सिर फोड़ देने की बात कह रहे हैं. लाठीचार्ज के दौरान लगभग 10 किसानों को चोट आई है.
(श्रेया चटर्जी के इनपुट के साथ.)