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Farmers' Protest: वॉटर कैनन बेअसर, अड़ गए किसान! किसान आंदोलन का नया केंद्र बनने लगा करनाल

Farmers' Protest: वॉटर कैनन बेअसर, अड़ गए किसान! किसान आंदोलन का नया केंद्र बनने लगा करनाल

28 अगस्त पर किसानों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर किसान एसडीएम की बर्खास्तगी की मांग कर रहे हैं. इस मांग को लेकर किसान कल रात से ही करनाल के मिनी सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे हैं. सचिवालय की तरफ बढ़ते किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पानी के फव्वारे प्रदर्शनकारियों पर छोड़ दिए. लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ और किसान अपनी मांगों को सचिवालय गेट पर बैठ गए. कल देर शाम से किसानों का धरना जारी है. किसानों के लिए लंगर भी शुरू हो गया है. ऐसे में माना जा रहा है कि अगर मागें ना मानी गई तो धरना लंबा खिंच सकता है. किसानों के आंदोलन का असर अब हाईवे पर दिखने लगा है. हरियाणा के जींद में किसानो ने करनाल में आंदोलनरत किसानो के समर्थन में जींद रोहतक दिल्ली हाईवे जाम कर दिया। जींद में पहले से ही कई मुख्य मार्ग जाम हैं. यानी साफ है कि अब किसान आंदोलन का केंद्र दिल्ली बॉर्डर से हरियाणा शिफ्ट हो गया है. देखें ये वीडियो.

Thousands of protesting farmers marched towards the mini secretariat in Haryana's Karnal after talks with the state government failed on Tuesday. The protest march moved from Namaste chowk to the secretariat. Farmer unions had demanded action against officials over the lathi-charge against protesters on August 28 in Karnal, saying that they would, otherwise, lay siege on the Karnal mini-secretariat. Protesting farmers were seen hopping over barricades amid police deployment on their way to the office of the mini-secretariat. As farmers tried to forcibly enter the secretariat's office, police started using water cannons on the demonstrators. Watch this video.

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