हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश (Heavy Rain) और भू-स्खलन की घटना को देखते हुए राज्य सरकार ने पर्यटकों को यात्रा परामर्श (travel advisory to tourists) जारी किया है और लोगों से भूस्खलन, बाढ़ प्रभावित जिलों की यात्रा स्थगित करने को कहा है.
सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी में लोगों से कांगड़ा घाटी नहीं जाने की सलाह दी गई है और उन्हें 18 जुलाई तक घाटी में जाने से बचने को कहा है क्योंकि मौसम विभाग ने राज्य के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.
हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) सरकार की एडवाइजरी में कहा गया है कि प्रदेश के पर्यटन स्थलों कुल्लू-मनाली और रोहतांग दर्रा तथा हमता दर्रा समेत मनाली से आगे के स्थान सुरक्षित नहीं हैं.
कांगड़ा में बारिश की चेतावनी
कांगड़ा प्रशासन (Kangra) ने पर्यटकों को खराब मौसम के बाद घाटी में जाने से बचने के लिए भी कहा है, जहां भू-स्खलन और अचानक बाढ़ आने की संभावना है. बारिश की वजह से चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी बार-बार भू-स्खलन होने का खतरा रहता है, जिस वजह से सड़कें जाम हो जाती हैं.
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साथ ही मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर काफी पानी भर गया. कई जगहों पर भूस्खलन की वजह से अक्सर जाम भी लगा रहा. कालका-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग भी सड़क चौड़ीकरण कार्य के चलते बार-बार जाम लग रहा है.
इसी तरह लाहौल स्पीति में भी भारी भूस्खलन के कारण ग्रामफू-काजा रोड अवरुद्ध हो गया है. लाहौल स्पीति के दोरनी नाले में बुधवार को भारी भू-स्खलन के कारण ग्रामफू-काजा मार्ग अवरुद्ध हो गया था. इस वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात की आवाजाही ठप हो गई.
वहीं मनाली जिला प्रशासन ने लोगों को मनाली से लाहौल या स्पीति की ओर यात्रा करने से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की है.
हिमाचल प्रदेश में 2 दिन पहले सोमवार से ही आसमान से तबाही बरस रही है. बादल फटने से आए फ्लैश फ्लड को करीब 72 घंटे से ज्यादा का वक्त हो चुका है, लेकिन बर्बादी और तबाही की कहानियां अभी भी सामने आ रही हैं.
प्रदेश के मौसम ब्यूरो ने अगले 24 घंटों में कांगड़ा, हमीरपुर, मंडी, बिलासपुर, सिरमौर, शिमला और सोलन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है, इसके बाद बारिश की तीव्रता कम हो सकती है.