हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में बादल फटने से तबाही मच गई है. भारी बारिश की वजह से बाढ़ के हालात बन गए. लिहाजा कई गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से घर तबाह हो गए हैं. कई प्रोजेक्ट्स को नुकसान पहुंचा है. इतना ही नहीं, मणिकर्ण में भी टूरिस्ट कैंप डैमेज हो गए हैं. स्थानीय पुलिस ने बताया कि बुधवार को कुल्लू में बादल फटने से मणिकर्ण घाटी में बाढ़ आ गई. इस वजह से हालात बेकाबू हो गए हैं. प्रशासन लोगों को सुरक्षित निकालने में लगा हुआ है.
एनडीआरएफ के डीजी अतुल करवाल ने बताया कि कुल्लू के पास बादल फटने से चार-पांच लोग लापता हैं. बह गए किसी घर में करीब 2-3 लोग फंसे हुए हैं. हमारी टीम मनाली से भेजी गई है.
कुल्लू के एसपी गुरदेव शर्मा ने बताया कि जिले में बारिश की वजह से बाढ़ के हालात हैं. लेकिन टीमें मुस्तैदी से बचाव कार्य में लगी हुई हैं. अभी बताया जा रहा है कि 6 लोग बाढ़ में लापता हो गए हैं. उनकी तलाश की जा रही है. साथ ही 7 घरों को भारी नुकसान पहुंचा है. 3 प्रोजेक्ट्स को भी नुकसान हुआ है. बाढ़ के चलते डैम के पानी को नहीं छोड़ा जा रहा है. साथ ही लोगों से अपील की गई है कि नदियों के किनारे नहीं जाएं.
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एसपी गुरदेव शर्मा ने बताया कि बारिश ने मणिकर्ण में भी तबाही मचाई है. यहां पर दर्जनों टूरिस्ट कैंप और घर डैमेज हो गए हैं. वहीं आपदा प्रबंधन के अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ की वजह से करीब 6 लोग लापता हो गए हैं. खतरे को देखते हुए लोगों से अपील की जा रही है कि वह सुरक्षित स्थानों पर ही रहे. नदियों के किनारों पर न जाएं.
एसपी शर्मा ने बताया कि राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है. स्थानीय प्रशासन लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट कर रहा है. प्रदेश में जहां पिछले दो दिन से बारिश हो रही है, वहां मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.
जानकारी के मुताबिक कुल्लू में बादल फटने से कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है. इसके चलते बाढ़ के हालात हो गए हैं. कई घरों में बाढ़ का पानी घुस चुका है. वहीं पार्वती नदी का वाटर लेवल बढ़ने से संकट बढ़ गया है. क्योंकि नदी का पानी आसपास के गांव में पहुंच गया है.