हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री के लिए काफी रस्साकसी के बाद कांग्रेस ने सुखविंदर सिंह सुक्खू के नाम पर मुहर लगा दी. सुक्खू आज हिमाचल प्रदेश के 15वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे. उनके साथ प्रतिभा सिंह खेमे के मुकेश अग्निहोत्री भी दोपहर डेढ़ बजे डिप्टी सीएम पद की शपथ लेंगे. शिमला के रिज मैदान में होने वाले शपथग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी शामिल होंगे.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी शपथग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए राजस्थान के बूंदी से सुबह करीब साढ़े 10 बजे निकलेंगे. सूत्रों की मानें तो वह शाम 4 बजे राजस्थान में ही यात्रा में फिर से शामिल होंगे. सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नाम के ऐलान के बाद कहा कि प्रतिभा गुट को नकारा नहीं जाएगा. इस दौरान कहा कि हिमाचल में कोई गुट नहीं है. मैंने कोई लॉबिंग नहीं की. मैं एक स्टूडेंट लीडर से यहां तक पहुंचा हूं. उन्होंने कहा कि प्रतिभा सिंह के बेटे विक्रमादित्य को कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिलेगा. उन्होंने इसके लिए कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे और प्रियंका गांधी को धन्यवाद दिया.
सुखविंदर सिंह हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की इलेक्शन कैंपेनिंग कमेटी के चेयरमैन और 5 बार के विधायक हैं. कहा जा रहा है कि सुक्खू को ज्यादातर विधायकों का समर्थन था. इससे पहले शुक्रवार को विधायक दल की बैठक में एक लाइन का प्रस्ताव पारित किया गया था. इसमें विधायकों ने पार्टी हाईकमान को फैसला लेने के लिए अधिकृत कर दिया था.
सुक्खू को सीएम बनाकर कांग्रेस पार्टी ने राजनीति में परिवारवाद से किनारा करने का साफ संदेश भी दे दिया है. पहले पार्टी में गैर गांधी अध्यक्ष और अब क्षेत्रीय क्षत्रपों की दखलअंदाजी को भी नकार दिया गया है. कांग्रेस ने हिमाचल के छह बार मुख्यमंत्री रहे दिवंगत वीरभद्र सिंह के परिवार की बजाय कॉमनमैन सुक्खू पर भरोसा जताया है. हिमाचल में सीएम पद की रेस में वीरभद्र सिंह की पत्नी और मंडी से सांसद प्रतिभा सिंह भी थीं. कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा के बेटे विक्रमादित्य के सीट छोड़ने की पेशकश भी काम नहीं आई.
प्रतिभा और सुक्खू के बीच राजनीतिक अदावत भी...
सुक्खू और प्रतिभा के परिवार के बीच पुरानी राजनीतिक अदावत भी है. ये पिछले 9 सालों से चलती आ रही है. साल 2013 में कांग्रेस ने सुखविंदर सिंह सुक्खू को प्रदेश अध्यक्ष बनाया था, तब से दोनों खेमे राजनीति में अंदरखाने आमने-सामने देखे जाते रहे हैं. सुक्खू ने पीसीसी चीफ बनते ही वीरभद्र सिंह कैंप के कार्यकर्ताओं और नेताओं को बड़ी जिम्मेदारियों से हटा दिया था. इस बात से वीरभद्र काफी नाराज भी हो गए थे. 2017 के चुनाव में हार के बाद पार्टी ने सुक्खू से जनवरी 2019 में प्रदेश अध्यक्ष की कमान वापस ले ली थी. नाराज सुक्खू ने लोकसभा चुनाव प्रचार से दूरी बना ली थी. 8 जुलाई 2021 में वीरभद्र सिंह का निधन हो गया. उसके बाद मंडी लोकसभा सीट पर उपचुनाव हुए और प्रतिभा सिंह ने जीत दर्ज की. अब विधानसभा चुनाव से 6 महीने पहले पार्टी हाईकमान ने प्रतिभा सिंह को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी थी.
कौन हैं हिमाचल के नए सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू?
सुक्खू को राजनीति विरासत में नहीं मिली है. उनके पिता रोडवेज में बस चालक थे. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत छात्र राजनीति से की और अपनी मेहनत की दम पर संगठन में पहचान बनाई. सुक्खू नादौन विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. उनके बारे में कहा जाता है कि सुक्खू से हर किसी की मुलाकात संभव हो जाती है. वे राजनीति में खासे सक्रिय भी रहते हैं. यही वजह है कि पहले छात्र संघ के सचिव चुने गए. बाद में अध्यक्ष भी बने. शिमला नगर निगम के काउंसलर का दो बार चुनाव लड़े और जीते. उसके बाद लगातार विधायक चुने जा रहे हैं. 2013 से 2019 तक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं. इस बार चुनाव में इलेक्शन कैंपेनिंग कमेटी के चेयरमैन थे.