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शिमला में बैरिकेडिंग तोड़ कैसे आगे बढ़ी भीड़? वाटर कैनन में नहीं था पानी, लाठीचार्ज, मस्जिद के अवैध निर्माण पर बवाल

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि वो संजौली चौक तक जाना चाहते थे. लेकिन पुलिस ने उनपर लाठियां बरसाईं जो कि निंदनीय है. बता दें कि इस प्रदर्शन के लिए हिंदू संगठनों ने इजाजत मांगी थी लेकिन उन्हें परमिशन नहीं दी गई थी. लोगों का आरोप है कि वे परमिशन का इंतजार नहीं कर सकते हैं.

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प्रदर्शनकारियों ने तोड़ी पुलिस बैरिकेडिंग.
प्रदर्शनकारियों ने तोड़ी पुलिस बैरिकेडिंग.

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बुधवार को बड़ा बवाल हुआ. संजौली इलाके में मस्जिद के कथित अवैध निर्माण को लेकर यहां भारी भीड़ पहुंची थी. देखते ही देखते भीड़ बेकाबू हो गई. सैकड़ों की संख्या में लोग मस्जिद की ओर बढ़ने लगे. उन्हें रोकने के लिए पुलिस की ओर से लाठी चार्ज किया गया. वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया.  लेकिन उसमें पानी ही नहीं था. हालांकि, बाद में वाटर कैनन से पानी की बौछार की गई. लेकिन भीड़ के सामने पुलिबल नाकाफी साबित हुआ. भीड़ ने कई बैरिकेडिंग को तोड़ दिया.

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बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़े...

इस दौरान प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बैरिकेड को तोड़ दिया. पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो लोग सड़कों पर बैठ गए. नारेबाजी करने लगे. सरकार पर भी निशाना साधा. पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी देखने को मिली. इसमें कुछ लोगों के घायल होने की भी खबर है.

जानें प्रदर्शनकारियों का आरोप...

इस दौरान प्रदर्शन में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि वो संजौली चौक तक जाना चाहते थे. लेकिन पुलिस ने उनपर लाठियां बरसाईं जो कि निंदनीय है. बता दें कि इस प्रदर्शन के लिए हिंदू संगठनों ने इजाजत मांगी थी लेकिन उन्हें परमिशन नहीं दी गई थी. लोगों का आरोप है कि वे परमिशन का इंतजार नहीं कर सकते हैं. वे अवैध निर्माण के खिलाफ हैं और प्रदर्शन जारी रखेंगे.

यह भी पढ़ें: शिमला मस्जिद विवाद: विरोध प्रदर्शन पर रोक के साथ इलाके में धारा 163 लागू, प्रशासन ने की शांति बनाए रखने की अपील

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इस बीच हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि यह अवैध निर्माण का मुद्दा है, इसे मस्जिद विवाद से नहीं जोड़ना चाहिए. बता दें कि हिंदू संगठनों की मांग है कि मस्जिद का अवैध निर्माण तुड़वाया जाए. बीते दिन मल्याणा में दोनों समुदायों के बीच हुई लड़ाई के बाद यह मामला भड़क उठा था.

बता दें कि यह मुद्दा हिमाचल प्रदेश की सियासत पर भी छाया हुआ है. हाल ही में हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने विधानसभा में मस्जिद निर्माण के मुद्दे पर कड़ी टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था, 'संजौली बाजार में महिलाओं का चलना मुश्किल हो गया है. चोरियां हो रही हैं, लव जिहाद जैसी घटनाएं हो रही हैं, जो प्रदेश और देश के लिए खतरनाक हैं. मस्जिद का अवैध निर्माण हुआ है. पहले एक मंजिल बनाई, फिर बिना परमिशन के बाकी मंजिलें बनाई गईं. 5 मंजिल की मस्जिद बना दी गई है. प्रशासन से यह सवाल है कि मस्जिद के अवैध निर्माण का बिजली-पानी क्यों नहीं काटा गया?'

क्या बोले मंत्री विक्रमादित्य सिंह

राज्य सरकार में मंत्री विक्रमादित्य ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने का सभी को अधिकार है लेकिन कोई ऐसी परिस्थिति न बने जिससे प्रदेश की शांति खराब हो . प्रदेश का लॉ एंड ऑर्डर हम नहीं बिगड़ने दे सकते . पूरा मामला कोर्ट में है . अगर वो जगह अवैध पाई गई तो कार्रवाई होगी और कानून के तहत उसको ढहाया जाएगा.
 

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