पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र सोमवार को राजधानी शिमला में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल पद की शपथ लेंगे. इससे पहले रविवार को मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों ने कलराज मिश्र का जोरदार स्वागत किया. कलराज मिश्र हिमाचल प्रदेश के 26 वें राज्यपाल के रूप में शपथ लेंगे. वह आचार्य देवव्रत की जगह लेंगे. आचार्य देवव्रत को अब गुजरात का नया राज्यपाल बनाया गया है.
बता दें कि कलराज मिश्र की गिनती बीजेपी के बड़े नेताओं में होती है. मोदी सरकार की पहली पारी में उन्हें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय (स्वतंत्र प्रभार) का जिम्मा सौंप गया था. कलराज मिश्र उत्तर प्रदेश के देवरिया लोकसभा सीट से चुनाव जीते थे. हालांकि, बाद में कलराज मिश्र से मंत्री पद ले लिया गया था. इस बार का लोकसभा चुनाव उन्होंने नहीं लड़ा था.
कलराज मिश्र का राजनीतिक सफर
कलराज मिश्र का लंबा चौड़ा राजनीतिक करियर रहा है. साल 1977 में वह जनता पार्टी के चुनाव संयोजक बने. साल 1978 में वह राज्यसभा के सदस्य बन गए. साल 1980 में बीजेपी की स्थापना के बाद वे भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए. कलराज मिश्र राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे हैं.
कलराज मिश्र साल 1991, 1993, 1995 और 2000 में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं. बीजेपी में उनका कद बढ़ता गया. साल 2003 में वे उत्तर प्रदेश, और साल 2004 में राजस्थान और दिल्ली के प्रभारी बने. साल 2010 में बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष घोषित किए गए. साल 2012 के विधानसभा चुनाव में विधायक चुने गए. साल 2014 में देवरिया लोकसभा सीट से सांसद बने.
कलराज मिश्र ने इस साल जब लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ा था तभी से अंदाजा लगाया जा रहा था कि पार्टी उन्हें कुछ अलग जिम्मेदारी दे सकती है. नई जिम्मेदारी मिलने के बाद कलराज मिश्र को लगातार बधाइयां मिल रही हैं.