
सोमवार की सुबह के 10:30 बज रहे थे. कांगड़ा के एक गांव के रहने वाले में पुन्नू राम (40) घर पर ही आराम कर रहे थे. उनके साथ उन्हीं के परिवार के 13 और लोग भी थे. तभी एक जोर की आवाज आई. वो बाहर आए तो उन्होंने देखा कि उनके घर के बाहर मिट्टी के बड़े-बड़े टुकड़े इकट्ठे हो गए हैं और चारों ओर कीचड़ ही कीचड़ फैला हुआ है.
पुन्नू राम आजतक को बताते हैं, "मौत हमारे सामने थी. मैंने अपने भाई समेत परिवार के सभी 13 लोगों को सतर्क किया. अच्छी बात रही कि सभी आंगन को पार कर सड़क पर आने में कामयाब हो गए."
पुन्नू राम के परिवार ने पड़ोसी के घर में शरण लेकर अपनी जान बचाई. लेकिन सभी पड़ोसी पुन्नू राम और उनके परिवार की तरह खुशनसीब नहीं थे.
फेसबुक लाइव कर रहे थे, तभी...
पुन्नू राम के पड़ोसी भीम सिंह जारिया और उनका बेटा फेसबुक लाइव कर रहे थे, तभी बादल फट गया और पानी उनके घर की ओर आ गया. उन्हें इस बात का अंदाजा भी नहीं था. पानी के साथ आ रहे ये पत्थर उनकी जान को खतरे में डाल देंगे. भीम सिंह और उनके परिवार के पांच लोग अभी भी मलबे में कहीं दबे हुए हैं. बचावकर्मी अभी तक उनके परिवार का पता नहीं लगा पाए हैं. बादल फटने के बाद यहां के 9 लोग लापता हैं और पिछले 20 घंटे से उनकी तलाश में ऑपरेशन जारी है.
अपनों के इंतजार में जोगिंदर...
जोगिंदर सिंह की बहन और उनका परिवार बादल फटने के बाद से ही लापता है. उन्होंने बताया कि बोह गांव की ओर जाने वाला रास्ता सोमवार शाम से ही बंद है. मंगलवार शाम को बड़ी मुश्किल से रास्ता साफ हुआ है. जोगिंदर बताते हैं, "मेरी बहन ने त्रासदी होने से पहले एक वीडियो शेयर किया था. वो अब नहीं रही. उसका शव मिल गया है और हम उसके अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे हैं. मैं अब दूसरे फैमिली मेंबर्स का इंतजार कर रहा हूं."
15 लोग दबे थे मलबे में, 5 सुरक्षित बाहर
इसी बीच हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर (Jai Ram Thakur) ने मंगलवार दोपहर को उस जगह का दौरा किया जहां बादल फटने की घटना हुई थी और हालातों का जायजा लिया. उन्होंने बताया, "कुल 15 लोग मलबे के नीचे दबे हुए थे. इनमें से 5 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है. एक बीमार महिला का शव मिला है." उन्होंने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक सभी लोग नहीं मिल जाते.
बारिश की वजह से तीन की मौत
पिछले 24 घंटों में हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भारी बारिश से सरकारी और निजी संपत्ति को काफी नुकसान हुआ है. अचानक आई बाढ़ से तीन अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई है. बोह और त्रिउंड में बाढ़ आने से लोगों के घर डूब गए हैं, जिसके बाद 85 से ज्यादा लोगों को वहां से सुरक्षित जगह ले जाया गया है.