हिमाचल प्रदेश के विकास खंड सुंदरनगर की ग्राम पंचायत पलौहटा के गांव नैहरा में एक खूंखार तेंदुए को पकड़ लिया गया. यह तेंदुआ पिछले कई दिनों से घात लगाकर लगभग 70 मुर्गियों को अपना शिकार बना चुका था. सोमवार की सुबह जब यह तेंदुआ मुर्गियों को खाने के लिए पिंजरे में घुसा तो मालिक बेसर सिंह ने पिंजरा बंद कर उसे पकड़ लिया.
तेंदुए ने 70 मुर्गियों का शिकार किया
तेंदुए का शावक अब तक करीब 70 मुर्गियों को अपना शिकार बना चुका है. नैहरा के रहने वाले सेवानिवृत सुबेदार बेसर सिंह ने अपने घर पर मुर्गी पालन का काम करते हैं. इसके लिए उन्होंने पिंजरा बनाया हुआ था. पिछले कुछ समय से उनकी मुर्गियां दिन पर दिन कम हो रही थी. जांच के बाद उन्हें पता चला कि एक तेंदुए का शावक उनकी मुर्गियों को खा रहा है.
पूर्व सैनिक ने तेंदुए को मुर्गी के पिंजरे में बंद किया
सेवानिवृत्त सूबेदार बेसर राम उर्फ गोपाल ने बताया कि तेंदुए ने उन पर पर भी हमला करने की कोशिश की. लेकिन उन्होंने मुस्तैदी दिखाकर मुर्गी के पिंजरे का दरवाजा बंद कर दिया. इससे तेंदुआ मुर्गीखाने में कैद हो गया. फिर उन्होंने इस घटना की सूचना वन विभाग और पुलिस को दी. फिर कड़ी मशक्कत के बाद ट्रेंकुलाइजर गन से तेंदुए को बेहोश कर कब्जे में लिया गया. इसके बाद उसे पिंजरे में डालकर कांगड़ा के गोपालपुर चिड़ियाघर भेज दिया. वन मंडल अधिकारी सुकेत सुभाष पराशर ने इसकी पुष्टि की है.
स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली
स्थानीय लोगों का कहना है कि तेंदुए ने उनके क्षेत्र में पिछले कुछ समय से काफी आतंक फैला रखा था. लोगों का रात के समय घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था और बच्चों को लेकर ज्यादा डर बना हुआ था. तेंदुए के पकड़ में आने के बाद से लोगों ने राहत की सांस ली है.
(इनपुट- परी शाह)