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हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार में रस्सा कस्सी जारी है. एक तरफ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और पर्यवेक्षक दावा कर रहे हैं कि सभी विधायकों की नाराजगी दूर हो गई है और सरकार में सबकुछ ठीक है तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस विधायक लगातार असंतोष की स्थिति बयां कर रहे हैं. इसी कड़ी में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे और कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने फिर बड़े संकेत दे दिए हैं.
दरअसल, विक्रमादित्य सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की बायोग्राफी में बड़ा बदलाव किया है. उन्होंने फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट से पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर और विधायक को हटा दिया है. इसकी जगह अब उन्होंने 'हिमाचल का सेवक' लिख दिया है. उनके इस कदम से एक बार फिर सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है. चर्चा है कि प्रतिभा सिंह और विक्रमादित्य खेमे में अब भी नाराजगी है, जो बार बार खुलकर सामने आ रही है.
विक्रमादित्य सिंह के तेवर देखकर साफ है कि सरकार में चल रही रार अभी बाकी है. गुरुवार शाम को सुक्खू द्वारा बुलाई गई कैबिनेट की बैठक में भी ये देखने को मिला. विक्रमादित्य बैठक के बीच में से ही निकल आए. विक्रमादित्य ने इस्तीफा वापस लेने से इनकार कर दिया है. हालांकि, यह जरूर कहा है कि वह इसे स्वीकार करने को लेकर किसी तरह का दबाव नहीं बनाएंगे. बैठक में से वह अचानक ही चंडीगढ़ रवाना हो गए. इसके बाद खबर आई कि वह दिल्ली दौरे पर आएंगे और यहां पार्टी नेतृत्व संग बैठक करेंगे.
बागी विधायक ने सीएम सुक्खू पर साधा निशाना
राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले कांग्रेस के बागी विधायक राजिंदर राणा ने CM सुक्खू पर पलटवार किया. उन्होंने फेसबुक पर लिखा, "वाह रे व्यवस्था परिवर्तन! हिमाचली अस्मिता की मशाल थामने वाले गद्दार हो गए. बाहरी प्रत्याशी प्रदेश पर थोपने वाले साध हो गए. युवाओं की आवाज बुलंद करने वाले गद्दार हो गए और युवाओं को धोखा देने वाले साध हो गए. कौन साध है, कौन गद्दार? फैसला करेगा जन दरबार."
सुक्खू ने बागी विधायकों को बताया था काला नाग
बता दें कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने सोलन के धर्मपुर में शुक्रवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ लोगों ने षडयंत्र के तहत सरकार गिराने की कोशिश की है, लेकिन मैं उनसे डरता नहीं हूं. जो विधायक अपना ईमान बेच दे वो विधानसभा क्षेत्र के लोगों का क्या भला करेगा. भारतीय जनता पार्टी के नेता और जो कांग्रेस के काले नाग थे, उन्होंने अपने ईमान को बेच दिया. जिन 6 काले नागों ने गद्दारी की, वो सड़क रास्ते से नहीं आए. इन्होंने पार्टी और निशान से गद्दारी की है. जो व्यक्ति अपना ईमान बेच सकता है, बिकाऊ हो जाए, सत्ता और पैसों के लालच में ईमान बेच सकता है, वो लोगों की क्या सेवा करेंगे.