
जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ की गुफा के पास शुक्रवार शाम बादल फटने से बड़ा हादसा हो गया. खबर लिखे जाने तक इस आपदा के चपेट में आने से 15 श्रद्धालुओं की जान चली गई है. अमरनाथ यात्रा पर पीलीभीत के श्रद्धालुओं की एक टीम भी गई है. 'आज तक' पर अमरनाथ घटना की खबर चलने पर पीलीभीत से परिजनों ने श्रद्धालुओं को फोन कर हाल-चाल लेना शुरू कर दिया है.
130 श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा पर गए
पीलीभीत से बीते 30 जून को दो बसों से 130 श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा पर गए थे, जिन्होंने अपने घर पर सूचना दे रखी थी कि आज 8 जुलाई को भगवान भोलेनाथ के दर्शन करेंगे. क्योंकि उन्हें आज दर्शन करना था, लेकिन रास्ते में बरसात होने की वजह सभी श्रद्धालु अमरनाथ गुफा से 20 किलोमीटर पीछे आर्मी बेस कैम्प तक ही पहुंच सके. ये आर्मी कैम्प शेष नाग नामक जगह पर स्थित है.
खबर देखने के बाद परिजन परेशान
घरवालों ने जब अमरनाथ घटना की खबर आज तक न्यूज चैनल पर देखी तो उनको यह लगा कि आज तो उनके घर के सदस्य भी बाबा बर्फ़ानी भोलेनाथ के दर्शन करने गए होंगे. खबर देखने के बाद सभी की सांसे अटक गईं और एक दूसरे घर वालों से फोन पर बात करने लगे. इस बीच किसी भी यात्री का घर वालों से सम्पर्क नही हो सका. फिर क्या था लोग अपने अपने घरों में अपनों की सलामती की दुआ करने लगे.
फोन पर बात कर हुई तसल्ली
चिंता इसलिए हो रही थी क्योंकि सभी 130 यात्री जहां घटना हुई है उसके आसपास ही थे. जैसे ही अमरनाथ गए यात्रियों से संपर्क हुआ तो कोई घर वालों में से किसी ने कहा कि वापस आ जाओ, कोई बोला आगे मत जाना, श्रद्धालुओं के परिजन से बात होने के बावजूद भी किसी को तसल्ली नहीं हुई. इसके लिए घर वालों ने फोटो मांगे या वीडियो कॉलिंग करने को कहा.
सभी लोगों ने अपनी-अपनी फोटो अपने परिजनों को भेजा तब जाकर घर वाले निश्चिंत हुए. पीलीभीत नगर पालिका के सभासद जगन्नाथ भी इसी जत्थे के साथ अमरनाथ यात्रा पर गए हैं. उन्होंने फोन पर बताया कि बादल फटने से दर्शन नहीं हो सका, लेकिन हमारे साथ आए सभी 130 साथी सुरक्षित हैं.