Shocked to hear about reports of 3 missing labourers reportedly killed in a staged encounter at Shopian.Armed forces have a free hand to operate with impunity.Explains why bodies are allowed to decompose at unknown locations.Probes into recent encounters must be ordered https://t.co/7uoNlVIuuN
— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) August 10, 2020
दरअसल जुलाई महीने में जम्मू-कश्मीर के शोपियां में एक एनकाउंटर हुआ था. इस एनकाउंटर में तीन आतंकियों को मार गिराया गया था. रविवार रात को राजौरी जिले के पीढ़ी गांव में एक परिवार ने कहा है कि जिस इलाके में यह एनकाउंटर हुआ, उसी इलाके में परिवार के तीन लोग लापता हो गए थे.
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परिवार का कहना है कि ये तीनों 17 जुलाई को दक्षिणी कश्मीर के शोपियां में मजदूरी के लिए पहुंचे थे. इस बारे में उन्होंने अपने परिवार वालों को टेलीफोन कर जानकारी भी दी थी. लेकिन बाद में फिर उनसे संपर्क नहीं हो पाया. परिवार को आशंका है कि एनकाउंटर और इन तीनों के लापता होने में कोई संबंध हो सकता है.
परिवार के इस दावे के बाद आर्मी ने इस केस में जांच करवाने का फैसला किया है. अधिकारियों ने बताया कि 18 जुलाई 2020 को एनकाउंटर के बाद सोशल मीडिया पर ऑपरेशन से जुड़े जो भी इनपुट्स थे, उन्हें नोट कर लिया गया है. सभी तथ्यों पर ध्यान दिया जाएगा.
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इससे पहले सेना की तरफ से कहा गया था कि एनकाउंटर में जिन तीन आतंकियों को मारा गया था, उनकी पहचान नहीं हुई थी और तय प्रोटोकॉल के मुताबिक, उन्हें दफना दिया गया था.