जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को हटाने के खिलाफ राजनीतिक दल एकजुट हुए हैं. श्रीनगर में पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस समेत 6 दलों की हुई बैठक में पीपपुल्स अलायंस बनाने का ऐलान किया गया था. फारूक अब्दुल्ला के गुपकार रोड स्थित आवास पर हुई बैठक में महबूबा मुफ्ती ने भी हिस्सा लिया था. इस बैठक में जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की बहाली की मांग की गई. अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने गुपकार समूह को मुखौटा करार दिया है.
बीजेपी के वरिष्ठ नेता राम माधव ने शनिवार क ट्वीट किया, 'गुपकार 2 सिर्फ एक मुखौटा है. हर कश्मीरी जानता है कि विशेष दर्जा वापस नहीं होने जा रहा है, और गुप्कारियों की यह एक चाल भर है. लेकिन मोदी सरकार के लिए अच्छा यह रहा कि 2019 ने 1953 को बदल दिया है. वेलकम टू रियलपोलिटिक.'
Gupkar 2 is just a facade. Every Kashmiri knows that special status is not going to return and they are being taken for a ride by d Gupkaris. But a good gain for Modi govt is that 2019 has replaced 1953. Welcome to realpolitik.
— Ram Madhav (@rammadhavbjp) October 17, 2020
असल में, जम्मू कश्मीर राज्य के दर्जे में बदलाव, विभाजन और अनुच्छेद 370 हटाए जाने को लेकर कश्मीर के राजनीतिक दल एकजुट हुए हैं. नजरबंदी से रिहाई के बाद नेशलन कॉन्फ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला, पीडीपी की महबूबा मुफ्ती समेत तमाम नेताओं के गुपकार समूह की बैठक हुई थी. इसमें अनुच्छेद 370 की बहाली की मांग की गई.
गुपकार समूह में पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती और सज्जाद लोन के साथ ही जम्मू कश्मीर के उन सभी राजनीतिक दलों के नेता शामिल हैं जिन्होंने 4 अगस्त को साझा बयान जारी किया था. गुपकार समूह छह राजनीतिक दलों का वह समूह है जो जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए लड़ाई लड़ रहा है. इस समूह का गठन 22 अगस्त 2019 को फारूक अब्दुल्ला के गुपकार रोड स्थित आवास पर हुई बैठक में किया गया था. गुपकार समूह ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को निरस्त किए जाने को असंवैधानिक करार देते हुए इसकी बहाली के लिए संघर्ष करने का ऐलान किया था.