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बीजेपी नेताओं को घाटी में सता रहा डर! '370 हटने के बाद से आतंकियों ने की है अब तक 23 कार्यकर्ताओं की हत्या'

अनुच्छेद 370 के हटने से सबसे ज्यादा बौखलाहट आतंकियों में है. आतंकी लगातार बीजेपी नेताओं को निशाना बना रहे हैं. अब तक कुल 23 कार्यकर्ता और नेता आतंकी हमले में मारे जा चुके हैं.

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घाटी में तैनात सुरक्षाबल (फाइल फोटो-PTI)
घाटी में तैनात सुरक्षाबल (फाइल फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • घाटी में खौफ के साए में बीजेपी नेता
  • बीजेपी नेताओं को बनाया जा रहा निशाना
  • कुलगाम में ही 9 नेताओं की हो चुकी है हत्या

जम्मू और कश्मीर (Jammu and Kashmir) में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता खौफ में हैं. घाटी में लगातार बीजेपी नेताओं को आतंकी निशाना बना रहे हैं. अनुच्छेद 370 के हटाए जाने के बाद से अब तक कुल 23 बीजेपी नेताओं की आतंकी हत्या कर चुके हैं. बीजेपी नेताओं पर लगातार आतंकी हमलों का डर बना हुआ है. 

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भारतीय जनता पर्टी के नेता अल्ताफ ठाकुर ने कहा है कि बीते 2 साल में 23 कार्यकर्ताओं को आतंकियों ने मार डाला है. वहीं अकेले कुलगाम जिले में बीते एक साल के भीतर 9 नेताओं की आतंकी हमलों में मौत हो गई है. इनमें से कुछ पार्टी के बड़े नेता भी हैं, जिनका व्यापक जनाधार था. 

अलग-अलग आतंकी हमलों में बीजेपी से जुड़े लोगों की हत्या हुई है. आतंकी बीजेपी नेताओं को निशाना बना रहे हैं, जिसकी वजह से अब लोगों में दहशत देखने को मिल रही है. मंगलवार को ही शाम करीब 4.30 बजे आतंकियों ने जावेद अहमद डार की उनके घर में घुसकर हत्या कर दी. जावेद कुलगाम के ब्राजलू जागीर इलाके में रहते थे. 

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100 से ज्यादा बीजेपी नेताओं-कार्यकर्ताओं को मिली है सुरक्षा!

पुलिस के मुताबिक न तो जावेद अहमद डार, ना ही कोई और ना ही स्थानीय बीजेपी नेता ने पुलिस से उनके लिए सुरक्षा मांगी थी. ना ही उनका नाम सुरक्षा पाने वाले नेताओं में शामिल रहा है. पुलिस से जुड़े हुए सूत्रों ने कहा कि 100 से ज्यादा बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं को कश्मीर घाटी में राज्य पुलिस ने सुरक्षा दी है. इनमें पार्टी के पदाधिकारी और पहले पायदान के नेता शामिल हैं. लेकिन जमीनी स्तर पर कार्यकर्ता सुरक्षा से वंचित हैं और आतंकी उन्हें लगातार निशाना बना रहे हैं.

सबको सुरक्षा देना पुलिस के लिए मुश्किल!

सूत्रों के मुताबिक पुलिस का यह कहना है कि सभी राजनीतिक कार्यकर्ताओं को सुरक्षित करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है, चाहे वह बीजेपी से हों या किसी अन्य पार्टी से. ऐसी स्थिति में कार्यकर्ताओं को राजनीति में बनाए रखने के लिए उनकी सुरक्षा के वैकल्पिक उपायों के बारे में अधिकारियों को सोचना होगा. नहीं तो लगातार हो रहे आतंकी हमलों से किसी भी राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ताओं का हौसला टूट सकता है.

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बीजेपी नेताओं की हत्या चिंता का विषय!

भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं की लगातार हत्या गंभीर चिंता का विषय है. जावेद डार की हत्या की निंदा करते हुए बीजेपी प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने कहा है कि आतंकवादी हताश होकर निर्दोष लोगों को निशाना बना रहे हैं. निहत्थे लोगों की हत्या से आतंकियों को कुछ हासिल नहीं होगा. उन्होंने आतंकी हमले को बर्बर और कायरतापूर्ण कृत्य कहा है. उन्हें कड़ी से कड़ी सजा देने की अपील भी की है.

2 साल में 23 हत्या!

अल्ताफ ठाकुर ने एक ट्वीट में कहा, 'पिछले 2 सालों में 23 बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है. अकेले पिछले एक साल में, कुलगाम जिले में बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं की 9 मौतें हुई हैं.'

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