नफरत को भारत में चुनाव जीतने का हथियार बताते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने गुरुवार को आरोप लगाया कि बीजेपी अगले साल की शुरुआत में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव जीतने के लिए इसे एक बार फिर इस्तेमाल कर रही है. अब्दुल्ला ने लोगों से जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ देश को बचाने के लिए नफरत से लड़ने का आह्वान किया और चेतावनी दी कि अगर नफरत बढ़ती रही तो भारत को बिखरने से नहीं रोका जा सकता. उन्होंने बीजेपी को घेरते हुए यहां तक कह दिया कि हिन्दुस्तान के इतने टुकड़े होंगे कि इसे रोका नहीं जा सकेगा.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, फारूक अब्दुल्ला ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, ''हमें सांप्रदायिकता से लड़ना है. हमें हिंदुओं और मुसलमानों के बीच बनाई जा रही नफरत की दीवार को नीचे गिराना है. हमें इस नफरत को खत्म करना है. इसके बिना, न तो भारत बचेगा है और न ही जम्मू-कश्मीर. अगर हमें भारत को बचाना है, हमें इस नफरत को खत्म करना होगा.''
'नफरत की राजनीति को बनाया हथियार'
उन्होंने कहा कि नफरत की राजनीति को हथियार बना दिया गया है जिसके आधार पर आजादी के बाद से चुनाव जीते जा रहे हैं. उन्होंने कहा, "मैंने आजादी के बाद से हर चुनाव में इसे देखा है. मुस्लिम नेताओं को मुस्लिम इलाकों में ले जाया जाता है और हिंदू नेता हिंदू इलाकों में जाते हैं." अब्दुल्ला ने बीजेपी पर यूपी में चुनाव जीतने के लिए नफरत और फूट डालने की राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने साल 2019 में पुलवामा हमले के बाद हुई बालाकोट एयरस्ट्राइक का जिक्र करते हुए कहा, "पिछला चुनाव में भी बालाकोट के बाद बीजेपी सरकार सत्ता में आई थी. आज, वे वही काम कर रहे हैं. आज वे फिर से जम्मू में भी यूपी में चुनाव जीतने के लिए नफरत फैला रहे हैं."
Balakot! Balakot! Did line (LoC) change? Did we get back any piece of land from Pakistan? Line is still there. We dropped our own aircraft there. What did we get? BJP came to power. They're doing it today too. They're spreading hatred to win UP: NC chief Farooq Abdullah, in Jammu pic.twitter.com/WyrjdIkXZs
— ANI (@ANI) October 21, 2021
फारूक अब्दुल्ला बोले- इतने टुकड़े होंगे कि...
उन्होंने कहा, "क्या रेखा (नियंत्रण रेखा) बदल गई है. क्या हमने पाकिस्तान से कोई क्षेत्र वापस ले लिया है? नियंत्रण रेखा जमीन पर मौजूद है." उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर का प्रवेश द्वार है और कश्मीर लद्दाख का प्रवेश द्वार है. उन्होंने कहा, "अगर वे (भाजपा सरकार) सोचते हैं कि वे इस राज्य को तोड़ देंगे, तो मैं उनसे कहना चाहता हूं: सावधान, ऐसी मानसिकता न रखें. यह देश नहीं बचेगा.'' अब्दुल्ला ने दिल्ली में बीजेपी को चेतावनी दी कि बढ़ती नफरत भारत को बिखेर सकती है. उन्होंने कहा कि अगर यह नफरत यहां बढ़ती रही, तो मैं दिल्ली में शासन करने वालों से कहना चाहता हूं कि खबरदार रहें कि हिन्दुस्तान के इतने टुकड़े होंगे कि वे रोक नहीं सकेंगे.
महबूबा मुफ्ती भी दे चुकी हैं विवादित बयान
जम्मू-कश्मीर में सिर्फ फारूक अब्दुल्ला ही नहीं, बल्कि महबूबा मुफ्ती भी विवादित बयान दे चुकी हैं. हाल ही में उन्होंने कहा था कि तालिबान ने अमेरिका को भागने पर मजबूर कर दिया. हमारे सब्र का इम्तेहान मत लो. जिस दिन सब्र का इम्तेहान टूटेगा, आप नहीं रहोगा. मिट जाओगे. उन्होंने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा दोबारा दिया जाएगा.