जम्मू बेस कैंप भगवती नगर से आज पुंछ की ओर ऐतिहासिक बुड्ढा अमरनाथ जी यात्रा के पहले जत्थे को झंडी दिखाकर रवाना किया. इस दौरान भक्तों में गजब का उत्साह था. भोले बाबा के भक्त बम-बम भोले के जयकारे लगाते हुए नजर आए. दरअसल कोविड संक्रमण की वजह से श्री अमरनाथ यात्रा दो साल तक बंद रही थी. लिहाजा इस बार भक्तों में उत्साह देखते ही बनता है.
इस दौरान बड़ी संख्या में धार्मिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे.जम्मू के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह और मंडलायुक्त रमेश कुमार ने जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
इस अवसर पर एडीजीपी जम्मू ने कहा कि यह यात्रा श्रावण पूर्णिमा पर समाप्त होगी. तीर्थयात्रियों का अंतिम जत्था जिले की तहसील मंडी स्थित पवित्र मंदिर में दर्शन करने के बाद यात्रा शुरू करेगा. इसके लिए पूरे मार्ग पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और उचित सुविधाओं की व्यवस्था की गई है.
इसी महीने बाबा अमरनाथ में बादल फटने की वजह से तबाही हुई थी. इसमें 16 लोगों की मौत हो गई थी. कुछ वीडियोज भी आए थे, जिसमें कैंप पानी में बहे जा रहे थे. सामने आया था कि जहां पहले बाढ़ आई थी, वहीं पर वे कैंप लगाये गए थे. इसके अलावा 26 जुलाई को भी भारी बारिश की वजह से वहां फिर बाढ़ आ गई थी. अमरनाथ यात्रा 30 जून से शुरू हुई थी, जो कि 11 अगस्त को समाप्त होगी.
अमरनाथ यात्रा हर साल 43 दिन के लिए खुलती है. इसको दो बेस कैंप से किया जाता है. इसमें पारंपरिक 48-किमी नुनवान-पहलगाम (अनंतनाग) वाला रास्ता और इससे 14 किलोमीटर छोटा बालटाल वाला रास्ता शामिल है. इस बार अमरनाथ यात्रा 30 जून को शुरू हुई थी. अब यह 11 अगस्त को रक्षा बंधन वाले दिन खत्म होगी.
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