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J-K: भारतीय सेना ने उरी सेक्टर में तैयार किया 20 बेड वाला कोरोना अस्पताल

जम्मू-कश्मीर में नए मामलों में वृद्धि ने नागरिक बुनियादी ढांचे पर दबाव बढ़ा दिया है और इससे इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए मुश्किलें पैदा हो सकती हैं. उरी के इस सीमावर्ती शहर में अस्पताल का उद्देश्य नागरिक स्वास्थ्य अधिकारियों की मदद करना है.

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सांकेतिक तस्वीर (पीटीआई)
सांकेतिक तस्वीर (पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • J-K में भी शहरी इलाकों से होते हुए ग्रामीण क्षेत्र में पहुंचा
  • 20 बेड वाले अस्पताल में ऑक्सीजन की सुविधाः कैप्टन जैकब

देश के अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तरह जम्मू-कश्मीर में भी कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं. यहां पर भी कोरोना के मामले ग्रामीण इलाकों में पहुंच गए हैं. ऐसे में भारतीय सेना कश्मीर में सीमा से सटे गांवों में लोगों की मदद करने में लगी हुई है और उरी में 20 बेड वाला अस्पताल भी तैयार किया गया है.

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चूंकि कोरोना वायरस अब शहरों और कस्बों से होता हुआ ग्रामीण इलाकों में फैल गया है और कश्मीर में सीमावर्ती गांव भी सुरक्षित नहीं हैं. नए मामलों में वृद्धि के साथ भारतीय सेना ने दूरदराज के इलाकों में रहने वाले नागरिकों की मदद करने के लिए कदम बढ़ाया है, विशेष रूप से नियंत्रण रेखा (LoC) के करीब चिकित्सा सुविधाओं के साथ. सेना ने मंगलवार को उत्तरी कश्मीर के उरी सेक्टर के सुदूर इलाके में 20 बेड वाला कोविड अस्पताल स्थापित किया है.

केंद्र शासित प्रदेश में नए मामलों में वृद्धि ने नागरिक बुनियादी ढांचे पर दबाव बढ़ा दिया है और इससे इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए मुश्किलें पैदा हो सकती हैं. उरी के इस सीमावर्ती शहर में अस्पताल का उद्देश्य नागरिक स्वास्थ्य अधिकारियों की मदद करना है.

हमारे पास 2 वेंटिलेटर्स, 5 आईसीयू बेडः कैप्टन जैकब

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उरी सेक्टर में भारतीय सेना के कैप्टन सचू जैकब ने कहा कि 'यह 20 बेड वाला अस्पताल है. सभी बेड में ऑक्सीजन की सुविधा है. हमारे पास 2 वेंटिलेटर्स और 5 आईसीयू बेड भी हैं. हम उरी में बीएमओ के लगातार संपर्क में हैं. हमें ऐसे मरीज मिलेंगे जिन्हें सिविल अस्पतालों द्वारा रेफर किया जाएगा.' 

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भारतीय सेना के अधिकारियों के अनुसार, इस अस्पताल की सुविधाएं उरी सेक्टर के सिविल अस्पतालों से रेफर किए गए मरीजों की जरूरतें पूरी करेंगी. अगर एसडीएच उरी अस्पताल में ज्यादा मरीज आते हैं तो उन्हें इस आर्मी अस्पताल में रेफर कर दिया जाएगा. सेना के डॉक्टर्स और पैरामेडिक्स इस अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों की निगरानी करेंगे. अस्पताल के सभी बेड में ऑक्सीजन की सुविधा है.

 

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