पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी और बिहार के अररिया के बाद अब जम्मू-कश्मीर में भूकंप आ गया. यहां आज सुबह 10:10 बजे भूकंप आया. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4 मापी है. इस केंद्र जम्मू-कश्मीर में ही जमीन से करीब 10 किमी. अंदर था. प्राथमिक जानकारी के मुताबिक इस भूकंप से फिलहाल कोई नुकसान नहीं हुआ है.
बिहार के अररिया में भी बुधवार सुबह 5:35 बजे भूकंप आया था. यहां रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.3 मापी गई. भूकंप का केंद्र जमीन के अंदर 10 किलोमीटर गहराई में था. इस भूकंप की वजह से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है. इसके अलावा बुधवार तड़के पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में भी 4.3 तीव्रता का भूकंप आया. सिलीगुड़ी से 140 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में इसका केंद्र था.
जम्मू-कश्मीर में पहले भी आए चुके हैं कई भूकंप
21 मार्च को भी जम्मू कश्मीर में एक जोरदार भूकंप आया था. तब रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6 थी. यहां भूकंप के झटके रात 10 बजकर 17 मिनट पर महसूस किए गए थे. भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के फैजाबाद से के दक्षिण पूर्व में 133 किलोमीटर दूर था. इससे पहले 17 फरवरी को जम्मू और कश्मीर में रिक्टर पैमाने पर 3.6 की तीव्रता वाला भूकंप आया था. इसका केंद्र कटरा से 97 किमी पूर्व में आया था. यहां भी भूकंप सुबह करीब 5 बजे आया था.
दो महीने में यहां आए भूकंप
10 अप्रैल को अंडमान और निकोबार में देर रात भूकंप आया था. निकोबार द्वीप कैंपबेल बे से 220 किमी उत्तर में रात 2 बजकर 26 मिनट बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. NCS के मुताबिक, भूकंप की गहराई 32 किमी थी.
9 अप्रैल: दोपहर करीब चार बजे भी अंडमान और निकोबार में भूकंप आया था. तब उसकी तीव्रता का 5.3 मापी गई थी. भूकंप का केंद्र निकोबार द्वीप समूह में जमीन से 10 किमी अंदर था.
3 अप्रैल: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में सुबह 4 बजकर 33 सेकेंड पर भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.8 मापी गई थी. इसका केंद्र जमीन के अंदर 10 किमी गहराई में बताया गया था.
2 अप्रैल: जबलपुर में सुबह करीब 11 बजे महसूस किए गए थे. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.6 दर्ज की गई. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने बताया था कि भूकंप के झटके पचमढ़ी से 218 किमी दूर महसूस किए गए. इस भूकंप में किसी तरह के नुकसान की जानकारी नहीं आई थी.
31 मार्च: देर रात अंडमान और निकोबार में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.0 मापी थी.
26 मार्च: पिछले महीने राजस्थान के बीकानेर में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.2 थी. भूकंप के ये झटके तड़के 2 बजकर 16 मिनट पर महसूस किए गए और इसका केंद्र बीकानेर से 516 किमी. दूर पश्चिम में रहा. इसमें किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है.
24 मार्च: मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. रिक्टर स्केल पर भूकंप के झटकों की तीव्रता 4.0 थी. बताया जा रहा है कि भूकंप सुबह 10.31 बजे आया था. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र ग्वालियर से 28 किलोमीटर दूर जमीन से 10 किलोमीटर अंदर था. उधर, छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर समेत आसपास के इलाकों में सुबह 10:39 भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. इसका केंद्र सूरजपुर के भटगांव से 11 किलोमीटर दूर बताया गया था.
इसलिए और ऐसे आता है भूकंप?
धरती के अंदर सात टेक्टोनिक प्लेट्स हैं. ये प्लेट्स लगातार घूमती रहती हैं. जब ये प्लेट आपस में टकराती हैं. रगड़ती हैं. एकदूसरे के ऊपर चढ़ती या उनसे दूर जाती हैं, तब जमीन हिलने लगती है. इसे ही भूकंप कहते हैं. भूकंप को नापने के लिए रिक्टर पैमाने का इस्तेमाल करते हैं. जिसे रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल कहते हैं. रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल 1 से 9 तक होती है.
भूकंप की तीव्रता को उसके केंद्र यानी एपीसेंटर से नापा जाता है. यानी उस केंद्र से निकलने वाली ऊर्जा को इसी स्केल पर मापा जाता है. 1 यानी कम तीव्रता की ऊर्जा निकल रही है. 9 यानी सबसे ज्यादा. बेहद भयावह और तबाही वाली लहर. ये दूर जाते-जाते कमजोर होती जाती हैं. अगर रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 7 दिखती है तो उसके आसपास के 40 किलोमीटर के दायरे में तेज झटका होता है.