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पुलवामा अटैक: हमलावर ने जहां रची थी हमले की साजिश, NIA ने उसे ढूंढ निकाला

गिरफ्तार शख्स का नाम तारिक अहमद है. मंगलवार को पुलिस ने इन्हें पहले पूछताछ के लिए बुलाया और बाद में गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद दोनों को एनआईए को सौंप दिया गया. कुछ दिन पहले एनआईए ने इसी मामले में शाकिर बशीर को गिरफ्तार किया था.

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एनआईए ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है (फाइल फोटो-IANS)
एनआईए ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है (फाइल फोटो-IANS)

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  • आदिल की मदद में आगे आए बाप-बेटी गिरफ्तार
  • एनआईए को पुलवामा हमले में मिली बड़ी कामयाबी

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा हमले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. इस हमले के फिदायीन हमलावर आदिल डार ने जिस घर को अपना ठिकाना बनाया था, उस घर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने ढूंढ निकाला है. एनआईए ने इस मामले में आदिल और इसकी मदद में आगे आए बाप-बेटी को गिरफ्तार किया है.

जांच में यह खुलासा हुआ है कि आदिल ने पुलवामा हमले को अंजाम देने से पहले इन्हीं आरोपियों के घर में वीडियो रिकॉर्डिंग की थी. यह रिकॉर्डिंग उसके मरने से पहले शूट की गई थी. एनआईए ने जिस घर को ढूंढ निकाला है, उसी घर में आतंकियों ने पुलवामा हमले की साजिश रची और फौजियों के काफिले पर हमले की पूरी प्लानिंग की. गिरफ्तार लड़की लगातार पुलवामा हमले के आतंकियों के संपर्क में थी.

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इससे पहले एनआईए ने इस मामले में बाप-बेटी को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार शख्स का नाम तारिक अहमद है. मंगलवार को पुलिस ने इन्हें पहले पूछताछ के लिए बुलाया और बाद में गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद दोनों को एनआईए को सौंप दिया गया. कुछ दिन पहले एनआईए ने इसी मामले में शाकिर बशीर को गिरफ्तार किया था.

उस पर फिदायीन हमलावर की मदद करने का आरोप है. पिछले साल 14 फरवरी को पुलवामा हमला हुआ था, जिसमें 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे. शाकिर बशीर से पूछताछ के बाद ही तारिक अहमद और उसकी बेटी को गिरफ्तार किया गया है. दोनों को लेतपोरा से गिरफ्तार किया गया. इनके घर से कई संदिग्ध कागजात बरामद किए गए हैं.

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एनआईए की जांच के बारे में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी. किशन रेड्डी ने भी मंगलवार को बयान दिया. उन्होंने कहा, पुलवामा हमले में एनआईए ने 10 फरवरी 2019 को केस दर्ज किया था. उन्होंने कहा, एनआईए की जांच में पता चला है कि हमले में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मॉड्यूल का हाथ है. फिलहाल इस मामले की जांच चल रही है.

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बता दें, आदिल अहमद डार ही वो आतंकी था जो कार में सवार होकर सुरक्षाबल के काफिले में जा घुसा था. शाकिर बशीर ने खुलासा किया कि उसने आदिल अहमद डार और एक और अन्य सहयोगी मोहम्मद उमर फारूक को साल 2018 के आखिर से फरवरी में किए हमले तक अपने घर में शरण दी थी. शाकिर बशीर ने IED बनाने में भी मदद की थी. गिरफ्तारी के बाद शाकिर को 15 दिन के लिए एनआईए ने अपनी हिरासत में लिया था. इस दौरान एनआईए उससे हमले से जुड़ी और भी कई जानकारियां को लेकर पूछताछ करने वाली थी.

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