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The Kashmir Files के बीच बोले गुलाम नबी आजाद- 24 घंटे बांटने का काम कर सकते हैं राजनीतिक दल

जम्मू में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गुलाम नबी आजाद ने राजनीतिक दलों पर जमकर हमला बोला और अपनी पार्टी कांग्रेस को भी घेरा.

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गुलाम नबी आजाद (फाइल फोटो)
गुलाम नबी आजाद (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सिविल सोसाइटी को बांटने के लिए किसी को नहीं कर रहे माफ- आजाद
  • बोले- सिविल सोसाइटी को साथ रहना चाहिए, सभी को मिलना चाहिए न्याय

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जी-23 गुट के अहम सदस्य गुलाम नबी आजाद ने प्रेम, सौहार्द को लेकर सियासी दलों को जमकर घेरा है. जम्मू में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने पीर पंजाल में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई, सभी धर्मों के लोगों के रहने की बात की और साथ ही धर्म के आधार पर बंटवारे को लेकर भी राजनीतिक दलों पर जमकर हमला बोला. 

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गुलाम नबी आजाद ने कहा कि राजनीतिक दल धर्म, जाति और अन्य चीजों के आधार पर चौबीसो घंटे बांटने का काम कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि सिविल सोसाइटी को बांटने के लिए हम अपनी पार्टी को भी माफ नहीं कर रहे. हमारी पार्टी हो या कोई भी दल. वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि सिविल सोसाइटी को साथ रहना चाहिए. सभी को धर्म और जाति से ऊपर उठकर न्याय मिलना चाहिए.

उन्होंने ये भी कहा कि राजनीति से अलग हम सभी एकजुट भी रह सकते हैं. प्यार से भी काम कर सकते हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने आचार्य जेबी कृपलानी का उल्लेख किया और कहा कि आचार्य कृपलानी और उनकी पत्नी अलग-अलग राजनीतिक दलों के लिए काम कर रहे थे. पूरे दिन अलग राजनीतिक पार्टी के लिए काम करने के बावजूद रात का खाना तो आचार्य कृपलानी की पत्नी ही बनाती थीं. घर संभालना उनका काम था.

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गुलाम नबी आजाद ने घाटी में रियासी, रामवन जैसे क्षेत्रों का भी जिक्र किया और कहा कि इसमें हिंदू और मुसलमान कहां से आ गया. गुलाम नबी आजाद का ये बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में कश्मीर घाटी से हिंदुओं के पलायन पर बनी फिल्म द कश्मीर फाइल्स की रिलीज के बाद देश में एक नई चर्चा ने जन्म ले लिया है. 

 

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