दुनिया के सबसे कुख्यात आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) ने भले ही जम्मू-कश्मीर में अपनी मौजूदगी का दावा किया हो, लेकिन गृह मंत्रालय ने इससे इनकार किया है.
सरकार ने जम्मू कश्मीर में इस्लामिक स्टेट की मौजूदगी को ज्यादा तवज्जो नहीं दी, लेकिन यह माना कि घाटी में कट्टरपंथी समूह फिर से सिर उठा रहे हैं.
गृह मंत्रालय ने क्या कहा
गृह मंत्रालय ने इस संबंध में दावा किया है कि जम्मू कश्मीर में आईएसआईएस की मौजूदगी के बारे में कोई प्रामाणिक जानकारी नहीं है.
उनका यह बयान उन दावों के बाद आया है कि श्रीनगर में सुरक्षाबलों के साथ हुई एक मुठभेड़ में वैश्विक आतंकी संगठन शामिल था. इस मुठभेड़ में मुगीश नाम का एक आतंकी मार गिराया गया था जबकि पुलिस उप-निरीक्षक इमरान टाक इस मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गये थे.
आईएसआईएस की आधिकारिक समाचार एजेंसी ने इस हमले की जिम्मेदारी का दावा किया था. सोशल मीडिया में आईएसआईएस के झंडे की पृष्ठभूमि में मुगीश की तस्वीर भी आई थी. उसे दफनाये जाने के वक्त भी उसका शव प्रतिबंधित आतंकी संगठन के झंडे में लिपटा हुआ था.
हालांकि अधिकारी ने कहा कि यह सामने आया है कि मुगीश आतंकी संगठन तहरीक-उल-मुजाहिद्दीन से जुड़ा था और उसका पुलवामा जिला कमांडर था.
अधिकारी ने कहा कि तहरीक-उल-मुजाहिद्दीन का गठन पाकिस्तान स्थित आतंकी समूहों लश्कर-ए-तैयबा और हिज्बुल मुजाहिद्दीन के अस्तित्व में आने से पहले हुआ था.