जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को राजौरी के बधाल गांव का दौरा किया, जहां रहस्यमय परिस्थितियों में 13 बच्चों समेत 17 लोगों की पिछले डेढ़ महीने में मौत हो गई. गांव का दौरा करने के बाद सीएम ने कब्रिस्तान का दौरान किया और मृतकों के लिए प्रार्थना की.
मुख्यमंत्री ने मोहम्मद असलम सहित शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की. जिन्होंने अपने छह बच्चों, मामा और चाची को खो दिया, जो पिछले सप्ताह लापता थे. असलम और उसकी पत्नी अपने परिवार में एकमात्र जीवित बचे हैं.
सीएम अब्दुल्ला ने मोहम्मद रफीक से भी मुलाकात की, जिनकी पत्नी और तीन बच्चों की 12 दिसंबर को मौत हो गई. इसके अलावा फजल हुसैन के माता-पिता भी मुलाकात की जो अपने चार बच्चों के साथ 7 दिसंबर को अनसुलझे रहस्य में मरने वाले पहले व्यक्ति थे. अब तक 17 लोगों की रहस्यमय तरीकों से मौत हो चुकी है, जिसमें 13 बच्चे 3 से 15 साल तक की उम्र के हैं.
सीएम ने तीन परिवारों के सदस्यों से की बातचीत
मुख्यमंत्री ने तीन परिवारों के सदस्यों के साथ बातचीत करते हुए कहा, 'कोई कमी नहीं होगी और जो भी जरूरी कदम होंगे उठाए जाएंगे. दुख की इस कठिन घड़ी में हम आपके साथ खड़े हैं. सैंपल टेस्टिंग के लिए उठाए गए थे और अगर यह कोई बीमारी होती तो पता चल जाता. मौतें एक-दूसरे से संबंधित तीन परिवारों तक ही सीमित थीं. हमें इस बात पर विशेष ध्यान देना होगा कि गांव में और कोई मौत न हो.'
अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार ने ये पता लगाने की पूरी कोशिश कर रही है कि गांव में क्या हो रहा है, क्या ये मौतें किसी रहस्यमयी बीमारी का नतीजा तो नहीं हैं. CM ने पुलिस ने इस बात से इनकार किया है कि ये मौतें किसी की करतूत की वजह से हो रही हैं.
सीएम ने कहा कि नागरिक प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस जांच कर रही है. हमारे पास केंद्रीय टीम भी हैं, जिसने कुछ उपायों के बारे में भी जानकारी दी है.
अधिकारियों ने सील किया एक झरना
इससे पहले जम्मू-कश्मीर सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि जांच और सैंपल से इस बात का संकेत मिला है कि ये घटनाएं बैक्टीरिया या वायरस मूल के संक्रामक रोग के कारण नहीं हुई हैं. मृत लोगों के सैंपल में कुछ न्यूरोटॉक्सिन पाए जाने के बाद एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया था.
अधिकारियों ने हाल ही में गांव एक झरने को सील कर दिया है,क्योंकि इसके पानी में कुछ कीटनाशकों/आर्कटिकाइडों की पुष्टि हुई है.