जम्मू-कश्मीर चुनाव का सुगबुगाहट तेज हो गई है. प्रदेश में दस साल बाद विधानसभा चुनाव कराने को लेकर निर्वाचन आयोग आज दोपहर साढ़े 12 बजे गृह सचिव अजय भल्ला के साथ अहम बैठक करेगा. बैठक में तय होगा कि प्रदेश में सुरक्षा-व्यवस्था और चुनाव के इंतजाम, हालात और संभावनाओं के लिए अनुकूल हैं या नहीं. इस बैठक के बाद ही निर्वाचन आयोग जम्मू-कश्मीर में चुनावी कार्यक्रम तैयार करेगा.
बताया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की रिपोर्ट अनुकूल आने पर अगले हफ्ते विधानसभा चुनाव का ऐलान हो सकता है. हालांकि, अभी गृह मंत्रालय के आंतरिक सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.
EC की टीम ने किया जम्मू-कश्मीर का दौरा
इसके इतर निर्वाचन आयोग ने पिछले हफ्ते आठ और नौ अगस्त को दो दिवसीय दौरे के दौरान प्रदेश में होने वाले आगामी चुनाव को लेकर अपना काम पूरा कर लिया है.
वहीं, कश्मीर घाटी और जम्मू संभाग में सुरक्षा और अन्य नजरिए से राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में कोई भी अंदरूनी ताकत या बाहरी ताकत अगर दखलंदाजी कर के ये सोचते हैं कि वह चुनाव को टाल सकते हैं तो मैं उन्हें साफ कहना चाहता हूं कि वह ऐसा नहीं कर सकते.
राजीव कुमार ने जोर देकर कहा था कि कोई भी बाहरी या आंतरिक ताकत चुनावी प्रक्रिया को पटरी से नहीं उतार सकती. जम्मू-कश्मीर में लोकसभा चुनाव में रिकॉर्ड मतदान होने के बाद कुमार ने कहा था कि लोकतंत्र में जनता की इस सक्रिय भागीदारी ने विधानसभा चुनाव शीघ्र कराने के दरवाजे खोले हैं. ये सकारात्मक बात है.
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि हम संसदीय चुनावों की सफलताओं को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं. हम सबसे पहले नई दिल्ली में सुरक्षा बलों की उपलब्धता की समीक्षा करेंगे, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की 30 सितंबर की समयसीमा को ध्यान में रखा जाएगा. हम आपको चुनाव की समय सीमा के बारे में सूचित करते रहेंगे.