जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के खत्म होने के ठीक 550 दिन बाद राज्य में हाई स्पीड इंटरनेट को बहाल कर दिया गया है. अगले हफ्ते से जम्मू कश्मीर के लोग 4 जी इंटरनेट स्पीड का फायदा उठा सकेंगे. हालांकि राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन किसी तरह का रिस्क नहीं उठाना चाहता है.
राज्य में 4जी सेवा का फायदा वही प्रीपेड यूजर्स उठा सकेंगे, जो अपना वेरिफिकेशन सरकार के पास करवाएंगे. इसके अलावा गृह विभाग ने अधिकारियों और पुलिस विभाग को कहा गया है कि इस प्रतिबंध को हटाने का क्या असर कानून व्यवस्था पर हो रहा है इसका भी आकलन किया जाए.
बता दें कि जम्मू कश्मीर में 5 अगस्त 2019 को इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी. इसी दिन केंद्र सरकार ने राज्य का विशेष दर्जा खत्म कर दिया था. इसके बाद सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए इंटरनेट सेवा को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था.
बता दें कि राज्य में इंटरनेट की बहाली करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एक कमेटी का गठन किया गया था. इस कमेटी की मीटिंग 4 फरवरी को हुई थी. इस दौरान सुरक्षा एजेंसियों की ओर से दिए गए इनपुट पर चर्चा और आशंकाओं पर बात की गई. इसके बाद ही यहां 4जी सुविधा को शुरू करने की इजाजत दी गई.
इसके बाद प्रधान सचिव ने मोबाइल डाटा सर्विस और फिक्स्ड लाइन की इंटरनेट सुविधा को शुरू करने का निर्देश दिया है.
हाई स्पीड इंटरनेट के लिए पहले कराइए वेरिफिकेशन
हालांकि सरकार के आदेश में यह स्पष्ट है कि प्रीपेड सिम कार्ड पर हाई स्पीड इंटरनेट की सुविधा नंबर के वेरिफिकेशन के बाद दी जाएगी. इस वेरिफिकेशन के लिए वही प्रक्रिया होगी जो पोस्ट पेड नंबरों के लिए होती है.
माना जा रहा है कि जम्मू कश्मीर प्रशासन हाई स्पीड सुविधा के बेजा इस्तेमाल पर लगाम लगाना चाहता है. घाटी में इंटरनेट इस्तेमाल के कई खतरे हैं. इसलिए सरकार सुरक्षा से जुड़ी कोई चुनौती नहीं लेना चाहती है.
बता दें कि जम्मू कश्मीर के दो जिलों गांदरबल और उधमपुर को छोड़कर राज्य में मोबाइल इंटरनेट पर रोक लगी हुई थी. हालांकि पिछले साल 25 जनवरी को यहां पर 2जी इंटरनेट सर्विस शुरू कर दी गई थी.
इसके बाद पिछले साल अगस्त में गांदरबल और उधमपुर में 4 जी सेवा भी शुरू कर दी गई थी, लेकिन अब इसका विस्तार पूरे केंद्र शासित प्रदेश में किया जा रहा है.