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केंद्र सरकार ने किया साफ, जम्मू-कश्मीर से नहीं हटेगा AFSPA

मंगलवार को लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने कहा है कि आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पावर एक्ट 1990 को हटाने का या इस में संशोधन करने का सरकार का कोई इरादा नहीं है.

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सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

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जम्मू-कश्मीर में सत्तारूढ़ पीडीपी और उसकी सहयोगी पार्टी बीजेपी के बीच पिछले दिनों मेजर आदित्य पर राज्य सरकार द्वारा FIR कराने को लेकर खींचतान और विवाद देखा गया था. अब केंद्र सरकार ने साफ किया है कि उसका राज्य से आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पावर एक्ट (AFSPA) हटाने का कोई इरादा नहीं है.

मंगलवार को लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने कहा है कि आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पावर एक्ट 1990 को हटाने का या इसमें संशोधन करने का सरकार का कोई इरादा नहीं है. इस बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में हंसराज अहीर ने कहा है कि इस कानून को हटाने के किसी भी प्रस्ताव पर सरकार  फिलहाल विचार नहीं कर रही है.

साथ ही हंसराज अहीर ने यह भी बताया कि जम्मू-कश्मीर में कानून व्यवस्था से निपटने के लिए अब नए किस्म की प्लास्टिक की गोलियां इस्तेमाल की जाएंगी जो कम घातक हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर के मामले का हल निकालने के लिए दिनेश्वर शर्मा को वार्ताकार नियुक्त किया है. उन्होंने कहा कि इस फैसले को लेकर कश्मीर में लोगों का रुख सकारात्मक है.

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कुछ समय पहले जम्मू कश्मीर के शोपियां में एक गोलाबारी की घटना को लेकर जम्मू कश्मीर सरकार ने फौज के एक मेजर आदित्य कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया था जिसको लेकर बीजेपी और पीडीपी के बीच मतभेद हो गए थे. मुकदमा दर्ज किए जाने के खिलाफ मेजर आदित्य के पिता सुप्रीम कोर्ट गए थे जहां सुप्रीम कोर्ट ने गढ़वाल राइफल्स में तैनात उनके बेटे के खिलाफ FIR पर आगे की कार्रवाई से रोक लगा दी थी.

27 जनवरी को शोपियां में पथराव कर रही भीड़ पर गढ़वाल राइफल्स के द्वारा गोली चलाए जाने की वजह से दो लोगों की मौत हो गई थी.

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