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J-K परिसीमन: 2011 की जनगणना का फॉर्मूला क्यों नहीं चाहतीं पार्टियां, BJP संग आई नेशनल कांफ्रेंस

बीजेपी के सुनील शर्मा ने सुझाव दिया कि परिसीमन का आधार ताजा मतदाता सूची होनी चाहिए, न कि 2011 की जनगणना. उन्होंने कहा कि 2011 की जनगणना में हेराफेरी की गई थी.

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निर्वाचन आयोग
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स्टोरी हाइलाइट्स
  • 2011 जनगणना के फॉर्मूले पर ऐतराज
  • जम्मू में सीट बढ़ाए जाने की है डिमांड

जस्टिस (रिटायर) रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में जम्मू-कश्मीर परिसीमन आयोग की बैठक के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) आ गई है और वैचारिक मतभेद के बावजूद जम्मू के चिनाब घाटी में विधानसभा सीटों में बढ़ोतरी की मांग कर रही है. 

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बीजेपी के सुनील शर्मा ने सुझाव दिया कि परिसीमन का आधार ताजा मतदाता सूची होनी चाहिए, न कि 2011 की जनगणना. उन्होंने कहा कि 2011 की जनगणना में हेराफेरी की गई थी, पहले दो परिवारों को खुश करने के लिए निर्वाचन क्षेत्रों की पहचान की जाती थी, हमारा सुझाव है कि जनसंख्या का एकमात्र मापदंड नहीं होना चाहिए.

बीजेपी नेता सुनील शर्मा ने कहा कि भू-भाग, उसकी विशालता, सुगमता और बिखरी हुई आबादी को ध्यान में रखा जाना चाहिए. चिनाब घाटी को चिनाब नदी के वाटरशेड के अनुसार देखा जाना चाहिए और उसके अनुसार नए निर्वाचन क्षेत्रों की पहचान की जानी चाहिए.

वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि परिसीमन आयोग को जम्मू क्षेत्र के सभी तबकों को अपना उचित हिस्सा देना चाहिए ताकि सभी क्षेत्रों और उप क्षेत्रों के समान सशक्तिकरण के लिए हमारी प्रतिबद्धता प्रभावित न हो. उन्होंने कहा कि जम्मू के हर इलाके की अपनी-अपनी चुनौतियां हैं, परिसीमन के दौरान इन चुनौतियों का ख्याल रखा जाना चाहिए.

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नेशनल कांफ्रेंस के नेताओं ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि आयोग सबसे पारदर्शी, विवेकपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से सभी को न्याय प्रदान करने के लिए संवैधानिक ढांचे के अनुसार परिसीमन होगा, हमें लगता है कि विकेंद्रीकरण लोकतंत्र का मूल होना चाहिए, सभी क्षेत्र या उप क्षेत्र शासन में समान भूमिका के लिए तरसते हैं.

 

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