जम्मू-कश्मीर में पुलिस कांस्टेबल के अपहरण और हत्या के बाद मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स (एमएचए) जल्द नई सुरक्षा गाइड लाइन्स जारी करेगा. नई सुरक्षा गाइडलाइन्स के मुताबिक, कश्मीर घाटी में सुरक्षाबल के जवान और ऑफिसर छुट्टी पर जाने से पहले अपने वरिष्ठ अधिकारियों को छुट्टी और पूरे मूवमेंट की जानकारी देंगे. उनको पारिवारिक समारोह का भी पूरा ब्यौरा देना होगा. छुट्टी के दौरान ऐसे जवानों और अधिकारियों को स्थानीय पुलिस सुरक्षा देगी.
छुट्टी के दौरान भी सुरक्षा के लिहाज से एहतियात बरतने के निर्देश शामिल रहेंगे, ताकि संभावित खतरे से बचा जा सके. गृह मंत्रालय को जम्मू-कश्मीर सरकार की तरफ से दी गई शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के पुलिस कांस्टेबल जावेद अहमद डार ने पुलिस को अपने घर जाने की जानकारी नहीं दी थी. इसी वजह से आतंकियों ने बिना सुरक्षा के पहुंचे जावेद अहमद डार को निशाना बनाया.
बता दें कि जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान को निशाना बनाया. गुरुवार को आतंकियों ने पुलिसकर्मी जावेद अहमद डार को अगवा कर उनकी हत्या कर दी. देर रात को उनका शव बरामद किया गया. जावेद अहमद डार की मां हज के लिए जाने वाली थीं, जिसके लिए वह दवाइयां लेने जा रहे थे. जिस दौरान आतंकियों ने उनको अगवा किया.
हिज्बुल के आतंकी ने बनाया निशाना
हिज्बुल मुजाहिद्दीन ने जावेद की हत्या की जिम्मेदारी ली है. इस आतंकी संगठन ने जावेद को टॉर्चर करने की तस्वीर भी सोशल मीडिया पर जारी की है.
सूत्रों के मुताबिक, आतंकियों के खिलाफ जिस तरीके से ऑपरेशन सुरक्षाबल इस समय घाटी में चला रहे हैं, उसकी वजह से आतंकी बौखलाहट में हैं. पिछले कुछ दिनों में वह इस तरीके की चेतावनी दे रहे थे कि सुरक्षाबलों के खिलाफ वह खतरनाक ऑपरेशन करेंगे. यही वजह है कि वह अब इस तरीके के जवानों और अफसरों को निशाना बना रहे हैं. जिसका साफ मकसद जवानों का मनोबल तोड़ना है.