भारतीय सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस द्वारा कुलगाम के हदीगाम इलाके में एक संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया गया था. इस ऑपरेशन में सेना और पुलिस ने दो आतंकियों को घेर लिया था, जिन्होंने बाद में आत्मसमर्पण कर दिया. श्रीनगर के रक्षा पीआरओ ने ये जानकारी दी. कश्मीर के आईजीपी विजय कुमार ने कहा कि अगर हर माता-पिता अपने आतंकवादी बेटों से हिंसा का रास्ता छोड़ने की अपील करते हैं, चाहे वे लाइव एनकाउंटर के दौरान फंस गए हों या आतंकवाद में शामिल हो गए हों, तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती है. क्योंकि आज की मुठभेड़ में दो लोगों की जान बच गई.
सेना को ऐसे इनपुट मिले थे कि कुलगाम के हदिगाम इलाके में आतंकी छिपे हुए हैं. उसी इनपुट के आधार पर सेना की एक टुकड़ी वहां पहुंची और आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी. सेना की कोशिश रही कि उन आतंकियों को भागने ना दिया जाए. इसी वजह से पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया गया.
पिछले महीने 29 जून को ही सुरक्षाबलों ने कुलगाम में दो आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया था. उस समय आतंकियों के साथ सेना का एनकाउंटर अमरनाथ यात्रा के रूट से कुछ किलोमीटर दूर ही चला था. इस बार फिर कुलगाम में ही आतंकियों ने गोलीबारी की है.
वैसे पिछले कुछ दिनों में सेना द्वारा कई आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया गया है. जब से घाटी में टारगेट किलिंग का दौर फिर से शुरू हुआ है. जब से फिर कश्मीरी पंडित, सरपंच और बाहरी मजदूरों को निशाना बनाना शुरू किया है, सेना भी ऑपरेशन ऑल आउट के जरिए उनको मुंहतोड़ जवाब दे रही है. इस समय क्योंकि अमरनाथ यात्रा जारी है, ऐसे में सुरक्षाबलों की सक्रियता और ज्यादा बढ़ चुकी है.