पीडीपी सुप्रीमो महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से रियासी जिले में वैष्णो देवी मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर रोपवे के निर्माण पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है. इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित पवित्र मंदिर में आने वाले तीर्थयात्रियों के बेस कैंप कटरा में हाल ही में हुई हिंसा को लेकर रोपवे विरोधी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को तत्काल वापस लेने की भी मांग की.
कटरा में प्रदर्शनकारियों से मुलाकात के बाद महबूबा मुफ्ती ने संवाददाताओं से कहा कि "दुकानदारों, मजदूरों और अन्य लोगों की आजीविका तीर्थयात्रा से जुड़ी है और उन्हें (रोपवे के निर्माण के बाद) बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा. सरकार को यह सोचना चाहिए कि यह एक धार्मिक स्थल है और इसे पर्यटन स्थल में बदलने के बजाय इसे धार्मिक स्थल की तरह ही माना जाना चाहिए. पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) सुप्रीमो ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पर्यटन की संभावना वाले कई स्थान हैं.
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि ये श्रद्धा का स्थान है, जहां भक्त सच्चे मन से माता का आशीर्वाद लेने आते हैं. रोपवे के निर्माण से न केवल मंदिर के रास्ते में तीन महत्वपूर्ण स्थान बाईपास हो जाएंगे, बल्कि हजारों स्थानीय लोगों की आजीविका भी छिन जाएगी. उन्होंने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर पहले से ही देश की सबसे अधिक बेरोजगारी दर से जूझ रहा है, क्योंकि सरकारी नौकरियां कहीं नहीं हैं और निजी निवेश नहीं आ रहा है.
उन्होंने कहा कि निजीकरण के लिए बिजली की आवश्यकता होती है, हालांकि जम्मू-कश्मीर बिजली का उत्पादन करता है, लेकिन इसे कुछ राज्यों को मुफ्त में दिया जाता है और हमारे पास अपने लिए कुछ भी नहीं है. माता के आशीर्वाद से मजदूरी करके अपनी आजीविका कमाने वाले लोग रोपवे के निर्माण के बाद अवसर खो देंगे.
महबूबा ने कहा कि श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के गठन से पहले मंदिर के मामलों का प्रबंधन करने वाले बारीदार समुदाय को हटाए जाने से वे खुश नहीं हैं और लगातार विरोध कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि लेफ्टिनेंट गवर्नर (श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष) को इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए और रोपवे पर काम शुरू करने से पहले स्थानीय लोगों की आजीविका को ध्यान में रखना चाहिए, जिसे कहीं और स्थानांतरित किया जा सकता है.
पीडीपी नेता ने पिछले सप्ताह रोपवे विरोधी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को वापस लेने की भी मांग की. प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प हुई थी. उन्होंने कहा, "लेफ्टिनेंट गवर्नर पिछले पांच सालों से वहां हैं और उन्हें बताना चाहिए कि कितने रोजगार सृजित किए गए और युवाओं को दिए गए... जब आप लोगों से आजीविका के अवसर छीनते हैं, तो विरोध प्रदर्शन होना तय है.