जम्मू-कश्मीर में एक और दिन की शुरुआत सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ के साथ हुई. शनिवार को सुरक्षाबलों ने पुलवामा जिले के खारपुरा में एनकाउंटर में तीन आतंकियों को मार गिराया है. इस एनकाउंटर से पहले एक रिपोर्ट आई है जिसमें सुरक्षा बलों ने इस साल 250 से ज्यादा आतंकियों को ढेर किया है.
आधे से ज्यादा आतंकी लोकल
पाकिस्तान की सरपरस्ती में जम्मू-कश्मीर में फैलाए जा रहे आतंकवाद पर भारतीय सुरक्षा एजेंसियां लगातार लगाम लगाने में जुटी हुई हैं. सुरक्षा एजेंसियों ने इस साल ऑपरेशन ऑलआउट में अब तक 251 आतंकवादियों को मार गिराया है.
रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने कश्मीर घाटी में ऑपरेशन ऑलआउट के तहत पिछले साल मारे गए 213 आतंकवादियों का आंकड़ा भी पार कर लिया. मारे गए आतंकवादियों में से 132 लोकल और 119 पाकिस्तान से आए खूंखार आतंकी हैं.
ब्रेनवॉश में जुटा लश्कर
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकवादियों को प्रशिक्षित कर लॉन्चिंग पैड के जरिए लगातार घुसपैठ कराती रही है. उसकी मंशा यह है कि कश्मीर घाटी में हमेशा आतंक के रास्ते से हिंसा फैलाई जाए लेकिन भारतीय सुरक्षा एजेंसियां उनके इस मंसूबे को कामयाब होने नहीं दे रहीं.
इस साल सबसे ज्यादा लश्कर के आतंकी ढेर हुए हैं. भारतीय सेना ने लश्कर सरगना हाफिज सईद के उन गुर्गों को ढेर किया है जो हिंसा की राह पकड़ने में जुटे हुए है. यही नहीं हाफिज सईद और उसका कमांडर सैफुल्ला साजिद जट्ट लगातार आतंकवादियों को सीमा के उस पार से भेजने की कोशिश में लगा हुआ है.
साजिद कश्मीर घाटी के अंदर मौजूद लश्कर के कमांडरों के जरिए आतंकवादियों का ब्रेनवॉश कर उनको लश्कर की टीम में शामिल करने में जुटा हुआ है.
लश्कर के ज्यादा आतंकी ढेर
सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक इस साल 80 लश्कर के आतंकवादियों को सुरक्षाबलों ने कश्मीर घाटी में मार गिराया है. इन मारे गए आतंकियों की संख्या दूसरे आतंकी तंजीमों से सबसे ज्यादा है.
अगर बात करें तो सुरक्षाबलों ने हिज्बुल के 61, जैश-ए- मोहम्मद के 44, अल बदर के 4 और अंसार गजवत उल हिंद के 1 आतंकवादियों को ढेर किया है. सुरक्षाबलों की ओर से इस साल मारे गए 251 आतंकवादियों में से 51 आतंकी ऐसे हैं जिनकी कोई शिनाख्त नहीं हो सकी है.
मारे गए 11 आतंकी उच्च शिक्षित
सुरक्षा एजेंसियों की एक रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षाबलों ने जिन 251 आतंकवादियों को अलग-अलग ऑपरेशन में ढेर किया है, उनमें से 13 आतंकी 10वीं पास भी नहीं थे. जबकि 19 आतंकी 12वीं तक पढ़े थे. साथ ही सुरक्षाबलों की गोली का शिकार बने 11 आतंकियों के पास पोस्ट ग्रेजुएट या इंजीनियरिंग डिग्री थी.
सुरक्षा बलों ने इस साल नवंबर महीने में सबसे ज्यादा आतंकी मार गिराए. नवंबर में 39 आतंकवादी मारे गए. रिपोर्ट यह भी बताती है कि 20 साल से कम उम्र के 17 आतंकवादी इस साल अलग-अलग ऑपरेशंस में मारे गए हैं.