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जम्मू-श्रीनगर: सबसे लंबी सुरंग में आज 'अंतिम विस्फोट', गडकरी बनेंगे गवाह

अगले साल जून में जम्मू और श्रीनगर का फासला कम हो जाएगा. ऐसा दोनों राजधानियों को जोड़ने वाली 'आशा की सुरंग' का काम पूरा हो जाने के बाद मुमकिन हो पाएगा. देश की सबसे बड़ी सुरंग चेनानी-नाशरी सुरंग परियोजना के दोनों छोरों में खुदाई सोमवार को पूरी हो रही है.

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केन्द्रीय परिवहन और सड़क मंत्री नितिन गडकरी
केन्द्रीय परिवहन और सड़क मंत्री नितिन गडकरी

अगले साल जून में जम्मू और श्रीनगर का फासला कम हो जाएगा, मानसून और ठंड के मौसम में भी रास्ता आसान और छोटा हो जाएगा. ऐसा दोनों राजधानियों को जोड़ने वाली 'आशा की सुरंग' का काम पूरा हो जाने के बाद मुमकिन हो पाएगा. देश की सबसे बड़ी सुरंग चेनानी-नाशरी सुरंग परियोजना के दोनों छोरों में खुदाई सोमवार को पूरी हो रही है.

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उधमपुर के चेनानी तथा रामबन जिले के नाशरी के बीच बनाई जा रही यह सुरंग 9.2 किलोमीटर लंबी है. इसका काम मार्च 2011 में शुरू हुआ था इस पर 2500 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं.

इस सुरंग से जम्मू और श्रीनगर के बीच का फासला 30 किलोमीटर तक कम हो जाएगा. इससे सर्दी के मौसम में बर्फबारी और हिमस्खलन के कारण लगने वाले ट्रेफिक जाम को भी कम किया जा सकेगा.

 

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