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J-K: DDC चुनाव में बंपर मतदान, पहले चरण में 51 फीसदी से ज्यादा वोटिंग

जम्मू-कश्मीर में साल 2019 में अनुच्छेद 370 निरस्त किया गया था. इसके बाद यह पहला चुनाव है. विपक्षी पार्टियां अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने का विरोध कर रही है और इसे फिर से लागू करने की बात कर रही है.  

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जम्मू-कश्मीर में डीडीसी चुनाव (फाइल फोटो)
जम्मू-कश्मीर में डीडीसी चुनाव (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • DDC चुनाव के पहले दिन की वोटिंग खत्म
  • पहले चरण में 51 फीसदी से ज्यादा वोटिंग

जम्‍मू-कश्‍मीर में शनिवार को जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनाव के पहले चरण का मतदान खत्म हो गया है. पहले चरण में बंपर वोटिंग हुई. 51.76 फीसदी से ज्यादा लोगों ने मतदान किया. सबसे ज्यादा वोटिंग जम्मू क्षेत्र में हुई. यहां पर 74.62 फीसदी मतदान हुआ. वहीं सबसे कम दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में हुई. यहां पर 6.70 फीसदी वोटिंग हुई.  

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28 नवंबर से शुरू हुई यह चुनाव प्रक्रिया 19 दिसंबर तक चलेगी. कुल आठ चरणों में वोट डाले जाएंगे, जबकि 22 दिसंबर को मतगणना होगा.

पहले चरण के मतदान से 1,475 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होना है. मतदान की प्रक्रिया शनिवार सुबह 7 बजे से शुरू होकर दोपहर 2 बजे तक हुई. जम्मू-कश्मीर में साल 2019 में अनुच्छेद 370 निरस्त किया गया था. इसके बाद यह पहला चुनाव है. विपक्षी पार्टियां अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने का विरोध कर रही हैं और इसे फिर से लागू करने की बात कर रही हैं.  

जीरो डिग्री तापमान में भी वोटर्स का जोश कम नहीं रहा. कश्मीर घाटी के कई ग्रामीण इलाकों में लोग डीडीसी चुनावों में वोट डालने उमड़ पड़े. वोटिंग सेंटर्स के बाहर लंबी कतारें लगीं.  

लोग उत्साह के साथ वोट डालने पहुंचे. बांदीपोरा जिले में एक वोटर ने बताया कि लोगों को कुछ विकास होने की उम्मीद है इसलिए मतदान जरूरी है. मैंने इसी वजह से सुबह-सुबह ही अपना वोट दे दिया.

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डीडीसी चुनावों को लेकर लोगों में उत्साह देखा गया. मतदान केंद्रों के बाहर लोगों की कतारें लगीं. अखनूर के अंबारन में पोलिंग बूथ के बाहर ऐसा नजारा दिखा.

अखनूर के अंबारन मतदान केंद्र के बाहर वोट डालने के लिए जुटे मतदाता

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जम्मू-कश्मीर में चुनाव आयुक्त केके शर्मा ने कहा कि शनिवार को डीडीसी चुनावों का पहला चरण है और खाली पड़ी पंचायत सीटों के लिए भी उपचुनाव हो रहे हैं. इस चुनाव में करीब 7 लाख मतदाता अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करेंगे.

उन्होंने कहा था कि पहले चरण के लिए होने वाले मतदान को लेकर सभी तरह की व्यवस्थाएं कर ली गई हैं. डीडीसी के 43 निर्वाचन क्षेत्रों में शनिवार को मतदान कराए जाएंगे. 43 निर्वाचन क्षेत्रों में से कुल 296 उम्मीदवार मैदान में हैं. मतदान  सुबह 7 बजे से शुरू हो गया है जो दोपहर 2 बजे तक चलेगा. चुनाव आयोग ने बताया था कि 43 में से 25 निर्वाचन क्षेत्र कश्मीर घाटी में और 18 जम्मू क्षेत्र में हैं. जम्मू से 124 और कश्मीर से 172 उम्मीदवार, चुनावी मैदान में हैं.

इन चुनावों में कुल 1,475 उम्मीदवार मैदान में हैं और सात लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे.  राज्य चुनाव आयुक्त केके शर्मा ने बताया कि पहले चरण में सुचारू रूप से मतदान के लिए 2,146 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. इन सात लाख मतदाताओं में से कश्मीर संभाग में 3.72 लाख मतदाता हैं और जम्मू संभाग में 3.28 लाख मतदाता हैं. 

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उन्होंने बताया कि केंद्र शासित क्षेत्र में जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनाव के लिए कुल 280 निर्वाचन क्षेत्र हैं. चुनाव आयुक्त ने कोविड-19 के मद्देनजर लोगों से अपील की है कि वे चुनाव आयोग की ओर से जारी दिशानिर्देशों का पालन करते हुए मतदान केंद्र पर मास्क पहनें और सामाजिक दूरी का पालन करें. 

वहीं जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता सैय्यद अली शाह गिलानी ने डीडीसी चुनाव के बहिष्कार का ऐलान किया है. उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लोगों से भी चुनाव का बहिष्कार करने की मांग की है.

जम्मू-कश्मीर के लोगों को संबोधित करते हुए सैय्यद अली शाह गिलानी ने कहा कि ऐसे समय जब हम आजादी की लड़ाई लड़ रहे हैं, इसी दौरान डीडीसी के चुनाव कराए जाए रहे हैं. जो भी लोग या राजनीतिक पार्टियां इस चुनाव में हिस्सा ले रही हैं वो स्वतंत्रता के लिए जारी आंदोलन के खिलाफ हैं. 

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में पहली बार हो रहे जिला विकास परिषद चुनाव के लिए पहले चरण में शनिवार को मतदान जारी है.  डीडीसी चुनाव के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर में खाली पड़े सरपंचों और पंचों के चुनाव भी हो रहे हैं. 

 

 

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