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'राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने पर संकोच नहीं होना चाहिए...', न्योता मिलने पर बोले करण सिंह

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जम्मू-कश्मीर के अंतिम राजा महाराजा हरि सिंह के पुत्र डॉ. करण सिंह का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यदि किसी समारोह में आमंत्रित किया गया है तो उसमें शामिल होने में कोई संकोच नहीं होनी चाहिए.

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महाराजा हरि सिंह के पुत्र डॉ करण सिंह
महाराजा हरि सिंह के पुत्र डॉ करण सिंह

अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाली राम लला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर राजनीति तेज है. विपक्षी पार्टियां बीजेपी पर राम मंदिर को आगामी लोकसभा चुनाव के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगा रही हैं. कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने कार्यक्रम में जाने का न्योता अस्वीकार कर दिया है. इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जम्मू-कश्मीर के अंतिम राजा महाराजा हरि सिंह के पुत्र डॉ. करण सिंह का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यदि किसी समारोह में आमंत्रित किया गया है तो उसमें शामिल होने में कोई संकोच नहीं होनी चाहिए.

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आधिकारिक बयान जारी करते हुए करण सिंह ने कहा कि आज मुझे 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में श्री राम मंदिर के ऐतिहासिक प्राण प्रतिष्ठा समारोह का सुंदर निमंत्रण मिला है. एक रघुवंशी होने के नाते और निर्माण के लिए 11 लाख रुपये का मामूली व्यक्तिगत दान देने के चलते, इसमें शामिल होना बहुत खुशी की बात होती. यह उत्सव दुनियाभर में लगभग एक अरब हिंदुओं द्वारा मनाया जाएगा. अफसोस की बात है कि 93 साल की उम्र पर पहुंच चुका हूं और मेडिकल आधार पर मेरे लिए कार्यक्रम में शामिल होने संभव नहीं होगा.

'जम्मू के प्रसिद्ध रघुनाथ मंदिर में विशेष उत्सव का आयोजन'

उन्होंने आगे कहा कि हमारा परिवार धर्मार्थ ट्रस्ट (J&K) इस अवसर पर जम्मू में हमारे प्रसिद्ध श्री रघुनाथ मंदिर में एक विशेष उत्सव का आयोजन कर रहा है और हम लोधी रोड पर अपने श्री राम मंदिर में कार्यक्रम करने जा रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यदि किसी समारोह में आमंत्रित किया गया है तो उसमें शामिल होने में कोई संकोच नहीं होनी चाहिए.

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कांग्रेस ने न्योता कर दिया है अस्वीकार

बता दें कि कांग्रेस ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में जाने का न्योता अस्वीकार कर दिया है. पार्टी की तरफ से बयान जारी किया गया है. इसमें कहा गया है कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का न्योता सम्मानपूर्वक अस्वीकार कर दिया है. 22 जनवरी को होने वाले इस कार्यक्रम में सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कांग्रेस का कोई भी नेता अयोध्या नहीं जाएगा. कांग्रेस ने कहा कि हमारे देश में लाखों लोग भगवान राम की पूजा करते हैं. धर्म एक निजी मामला है. लेकिन RSS/बीजेपी ने लंबे समय से अयोध्या में मंदिर को राजनीतिक प्रोजेक्ट बनाया है.

22 जनवरी को होनी है रामलला की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा 

अयोध्या में 22 जनवरी को रामलला की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा होनी है. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य यजमान के रूप में शामिल होंगे. ऐसे में केंद्र से लेकर राज्य सरकार के अधिकारी कार्यक्रम की तैयारियों में व्यस्त हैं. अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा से एक हफ्ते पहले धार्मिक कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे. प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में मेहमानों को न्योते भेजे जा रहे हैं. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पदाधिकारियों ने बेहद सधे अंदाज में अतिथियों की लिस्ट तैयार की है. मेहमानों की सूची में करीब 150 समुदायों से जुड़े लोगों को शामिल किया गया है. इन सभी के पास अब न्योते मिलने की पुष्टि होने लगी है.

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