जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार से रमजान के दौरान राज्य में तलाशी अभियान रोकने की अपील की है. उन्होंने शनिवार को कहा कि रमजान शुरू होने वाला है. इस दौरान लोग दिन-रात इबादत करते हैं. मैं भारत सरकार से अपील करती हूं कि जिस तरह पिछले साल रमजान के दौरान सीजफायर, सर्च ऑपरेशन रोक दिया गया था, उसी तरह इस साल भी जम्मू-कश्मीर के लोगों को राहत देनी चाहिए.
महबूबा ने कहा कि वह केंद्र सरकार और उग्रवादियों से अपील करती हैं कि रमजान के महीने में दोनों तरफ से संघर्ष को बंद किया जाए. उन्होंने सरकार से उग्रवादियों के खिलाफ अभियान रोकने की अपील की ताकि लोग हिंसा मुक्त वातावरण में रमजान मना सकें.
Mehbooba Mufti, PDP: I would also like to appeal to the militants that Ramadan is a month of worship & prayers. They should not make any attacks during this time. https://t.co/nNPhwgWc0M
— ANI (@ANI) May 4, 2019
महबूबा मुफ्ती ने जम्मू कश्मीर में सक्रिय उग्रवादियों से भी नरमी बरतने की अपील की है. श्रीनगर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, 'मैं उग्रवादियों से भी अपील करना चाहूंगी कि रमजान इबादत और नमाज का महीन है, उन्हें इस दौरान कोई हमला नहीं करना चाहिए.'
पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उसने जम्मू कश्मीर को युद्ध का मैदान बना दिया है. उन्होंने कहा, हुर्रियत, जमात और अन्य अलगाववादियों पर प्रतिबंध के बाद, लोगों के लिए राजमार्ग पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है. और अब मैं सुन रहीं हूं कि भारत सरकार जम्मू-कश्मीर बैंक के साथ ऊपरी स्तर पर बदलाव करने की योजना बना रही है. कश्मीर को आर्थिक रूप से कमजोर करने के लिए बैंक अधिकारियों की नियुक्ति के साथ ही सीनियर लेवल पर बदलाव करने की कोशिश है, भारत सरकार कश्मीर की आर्थिक रीढ़ को हर तरह से तोड़ना चाहती है.
बता दें कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, सेना और घाटी में तैनात अन्य सुरक्षाबलों के विरोध के बावजूद केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने 16 मई 2018 को एक महीने के लिए आतंक विरोधी कार्रवाई पर एकतरफा रोक लगाने की घोषणा कर दी थी. उन्होंने अलगाववादी हुर्रियत नेताओं समेत कश्मीर के सभी जिम्मेदार पक्षों के साथ बातचीत का एक नया दौर शुरू करने की अपील भी की थी.