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नगरोटा एनकाउंटर: PAK में बैठे आकाओं से संपर्क में थे आतंकी, मोबाइल-जूते हैं सबूत

आतंकियों के पास से पाकिस्तान की एक कंपनी का डिजिटल मोबाइल रेडियो (DMR) बरामद हुआ है. पाकिस्तान में बैठे आकाओं से आतंकियों की क्या बात हो रही थी, ये उस मोबाइल के मैसेज में मिला.  

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नगरोटा एनकाउंटर में मारे गए चार आतंकी (फाइल फोटो)
नगरोटा एनकाउंटर में मारे गए चार आतंकी (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से संपर्क में थे आतंकी
  • पाकिस्तान की एक कंपनी का डिजिटल मोबाइल रेडियो बरामद
  • जम्मू के नगरोटा में हुए एनकाउंटर में मारे गए थे आतंकी

जम्मू के नगरोटा में गुरुवार को हुए एनकाउंटर को लेकर अहम खुलासा हुआ है. मुठभेड़ में ढेर हुए आतंकियों के पास से जो चीजें बरामद हुई हैं उसने पाकिस्तान की पोल खोल दी है. यही नहीं आतंकी पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से लगातार संपर्क में भी थे. 

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आतंकियों के पास से पाकिस्तान की एक कंपनी का डिजिटल मोबाइल रेडियो (DMR) बरामद हुआ है. पाकिस्तान में बैठे आकाओं से आतंकियों की क्या बात हो रही थी, ये उस मोबाइल के मैसेज में मिला.  DMR पर आतंकियों को मैसेज किया गया कि कहां पहुंचे. क्या माहौल है. कोई मुश्किल तो नहीं है. एजेंसी को शक है कि ये मैसेज पाकिस्तान के शकरदढ़ से भेजा गया.  

इंटेलिजेंस के सूत्रों के मुताबिक, डिजिटल मोबाइल रेडियो पाकिस्तानी कंपनी माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक्स द्वारा निर्मित है. डिजिटल मोबाइल रेडियो पर मैसेज स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि घुसपैठ करने वाले आतंकवादी सीमा पार अपने आकाओं के साथ लगातार संपर्क में थे. इसके अलावा पाकिस्तान के खिलाफ जो अन्य सबूत हैं वो आतंकवादियों के जूते हैं. मारे गए आतंकवादियों ने जो जूते पहने थे वो कराची में बने थे. वहीं, एक वायरलेस सेट और एक जीपीएस डिवाइस भी बरामद किया गया.

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अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने और सांबा के दक्षिण में राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक पूर्व निर्धारित बिंदु तक पहुंचने के बाद आतंकवादी घाटी की ओर बढ़ रहे थे. भारी मात्रा में हथियारों की बरामदगी से स्पष्ट है कि वे घाटी में बड़े हमले के इरादे से आए थे.  

बौखलाया हुआ है पाकिस्तान

सूत्रों का कहना है कि आतंकी गुरुवार-शुक्रवार को अमावस्या की रात सांबा सेक्टर के पास नाले को पार करके दाखिल हुए. आतंकियों ने अंधेरे का फायदा उठाते हुए सीमा को पार किया. बता दें कि जम्मू और कश्मीर से 5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 के हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है. वो कश्मीर में अशांति फैलाने की कोशिश में है. तब से पाकिस्तान आतंकवादियों के जरिए नेताओं और नागरिकों जैसे सॉफ्ट टारगेट पर हमला करा रहा है. ये उसकी हताशा को दिखाता है. 

वहीं, इनपुट्स से संकेत मिलते हैं कि जम्मू और कश्मीर में होने वाले जिला विकास परिषदों (डीडीसी) के चुनाव ने भी आतंकवादियों और पाकिस्तान को परेशान किया है. चुनावों से पहले ही नामांकन और जनता की भागीदारी बड़े पैमाने पर देखी गई. 

 

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