राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने टेरर फंडिंग के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. एनआईए ने जम्मू-कश्मीर में एक साथ कई ठिकानों पर छापा मारा है. यहां पर गैर सरकारी संगठनों के द्वारा जम्मू-कश्मीर के आतंकियों को धन पहुंचाया जा रहा था. एनआईए ने कश्मीर में 10 स्थानों पर छापा मारा है. इनमें 9 श्रीनगर में और एक बांदीपोरा में हैं. बेंगलुरु में भी एक स्थान पर छापा मारा गया है.
जिन लोगों के ठिकानों पर छापा मारा गया है उनमें पत्रकार, गैर सरकारी संगठन शामिल है.
सूत्रों के मुताबिक देश में NGO के जरिए टेरर फाइनेंसिंग पर ये NIA का आज सबसे बड़ा क्रैकडाउन है. NIA को मिली जानकारी के मुताबिक भारत में आतंक की फंडिंग विदेशी धरती से हो रही थी.
जम्मू कश्मीर, बंगलुरु सहित 10 जगहों पर NIA ने छापा मारा है. NIA ने इस पूरे मामले में UAPA के तहत मामला दर्ज किया है. इसमें UAPA कानून की धारा 17, 18, 22A, 22C, 38, 39 और 40 लगाई गई है. जिन एनजीओ के ठिकानों पर छापा मारा गया है ये वो एनजीओ हैं जो कश्मीर में टेरर फंडिंग और अलगाववादी गतिविधियों के लिए भारी मात्रा में देश विदेश से फंडिंग कर रहे थे.
NIA सूत्रों ने जानकारी दी है कि देश-विदेशों से बिजनेस, धार्मिक कार्यो और दूसरे सामाजिक कार्य के नाम पर फंड लेकर उसका इस्तेमाल आतंक को हवा देने में किया जा रहा था. ये फंड भारत में हवाला चैनल से आ रहा था.
आजतक को सूत्रों ने एक्सक्लूसिव जानकारी दी है कि देश-विदेश के अलग अलग हिस्सों से हवाला के जरिए पैसा आ रहा था. NIA करीब 8 NGO के तमाम दस्तावेज खंगाल रही है.
एक शख्स जिसके यहां छापा मारा गया है उसकी पहचान खुर्रम परवेज के रूप में हुई है. खुर्रम परवेज खुद को मानवाधिकार कार्यकर्ता बताता है. इसके अलावा कश्मीर घाटी के मुख्य अखबार ग्रेटर कश्मीर के ठिकानों पर भी छापा मारा गया है. पत्रकार परवेज बुखारी के घर पर भी छापा मारा गया है.
सूत्रों के मुताबिक ये एनजीओ खतरनाक तरीके से विदेशी धरती से पैसा लेकर कश्मीर घाटी में भोले भाले युवकों को आतंक के लिए पैसा दे रहे थे. इससे पहले एनजीओ पर गृह मंत्रालय का एफसीआरए डिपार्टमेंट कार्रवाई किया करता था, पर एनजीओ पर एनआईए का यह बड़ा क्रैकडाउन इस ओर इशारा करता है कि मोदी सरकार देश में आतंकवाद को लेकर के जीरो टॉलरेंस की रणनीति पर सख्ती से अमल कर रही है.
NIA सूत्रों के मुताबिक 26/11 के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के NGO फलह ए इंसानियत (FIF) के जरिये जम्मू कश्मीर में आए पैसे से जम्मू कश्मीर के रहने वाले लोगों ने कई शहरों में प्रॉपर्टीज भी खरीदी है. NIA इनके सबूत जमा कर रही है.