सेना ने सोमवार को कहा कि अगले महीने शुरू हो रही सालाना अमरनाथ यात्रा को संभावित खतरा होने के संबंध में कोई विशिष्ट जानकारी नहीं है, लेकिन बलों ने राष्ट्र विरोधी तत्वों को तीर्थयात्रा बाधित करने से रोकने के लिए कदम उठाए हैं.
श्रीनगर स्थित चिनार कोर के जनरल आफिसर कमांडिंग (जीओसी) ले. जनरल सुब्रत साहा ने कहा, ‘इस समय, हमें आतंकवादियों की गतिविधियों के संबंध में सामान्य जानकारी मिल रही है, जैसी मिलती थी. इसलिए मैं यात्रा के बारे में कुछ भी विशिष्ट नहीं जोड़ना चाहूंगा.’ सैन्य कमांडर ने कहा कि बल ने दो महीनों तक चलने वाली यात्रा के लिए पर्यावरणीय सुरक्षा मुहैया कराने के उद्देश्य से ‘‘आपरेशन शिव’’ शुरू किया है.
जीओसी ने कहा कि यात्रा की शुरूआत दो जुलाई से हो रही है और सेना पर्यावरणीय सुरक्षा मुहैया कराएगी ताकि चंदनवाड़ी और बालटाल दोनों मार्गों सहित यात्रा के मार्गों को सुरक्षित बनाया जा सके. उन्होंने कहा कि बल मेडिकल के साथ साथ संचार सहायता भी मुहैया कराएगा.
सुरक्षा तैयारियों के बारे में साहा ने कहा कि असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए हवाई निगरानी की जा रही है. साहा ने कहा कि हमने क्षेत्र को हवाई निगरानी के दायरे में रखा है और रोजाना उसका अध्ययन कर रहे हैं. यह विचार राष्ट्र विरोधी तत्वों को यात्रा को बाधित करने से रोकने के लिए है.
इनपुट भाषा