जम्मू-कश्मीर में दो सिख समुदाय की लड़कियों के कथित जबरन धर्मांतरण का मुद्दा श्रीनगर से लेकर दिल्ली तक छाया हुआ है. दिल्ली में भी इसको लेकर सोमवार को प्रदर्शन हुआ. आरोप है कि दो सिख लड़कियों को श्रीनगर में बंदूक की नोक पर अगवा किया गया, फिर उम्रदराज लोगों से उनका निकाह करवा दिया गया. दिल्ली में भी सिख समुदाय के लोगों ने इसके खिलाफ प्रदर्शन किया. जानकारी के मुताबिक, एक लड़की को सिख समुदाय के हवाले कर दिया गया है, लेकिन दूसरी अभी भी धर्म परिवर्तन करवाने वालों के पास है.
अब सिख समुदाय का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मिलेगा. अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने इसकी जानकारी दी. श्रीनगर में भी मामले ने तूल पकड़ा है. वहां भी प्रदर्शन जारी है.
दोनों में से एक लड़की परिवार के पास लौटी
सिख लड़कियों के जबरन धर्म परिवर्तन के मामले में एक लड़की 18 साल की है. कथित तौर पर उसका 40 साल के एक शख्स से निकाह करवाया गया, जो कि पहले से शादीशुदा भी है. परिवार के विरोध के बाद लड़की को माता-पिता को सौंप दिया गया है. दूसरे केस में भी बालिग लड़की का मुस्लिम शख्स से निकाह हुआ है. लेकिन यहां लड़की ने कोर्ट में कहा है कि वह अपने पति के साथ रहना चाहती है.
परिवार ने कहा - मानसिक तौर पर कमजोर है लड़की
सिख समुदाय का आरोप है कि श्रीनगर में पहले भी ऐसे मामले हुए हैं जहां लड़की का जबरन धर्म परिवर्तन करवाया गया. परिवारों का आरोप है कि जिस कोर्ट में लड़की की पेशी हुई थी, वहां उनको नहीं जाने दिया गया था. उन्होंने पुलिस पर भी सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है. परिवार का कहना है कि जिस लड़की ने पति के साथ रहने की हामी भरी है वह मानसिक तौर पर कमजोर है.
अब श्रीनगर के साथ-साथ दिल्ली में भी प्रदर्शन हो रहे हैं. मनजिंदर सिंह सिरसा उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मिल चुके हैं और उचित एक्शन की मांग की गई है. सिन्हा ने उनको हरसंभव मदद का भरोसा दिया है. माना जा रहा है कि समाधान ना निकलने पर प्रदर्शन और तेज हो सकता है.
कानून की बात करें तो भारत में लड़के की 21 और लड़की की 18 साल की उम्र में शादी की जा सकती है. 2018 में 24 साल की केरल की लड़की हदिया से जुड़ा कुछ ऐसा ही केस सामने आया था. इसमें सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि किसी को भी अपनी मर्जी का धर्म या अपनी मर्जी का लाइफ पार्टनर चुनने का अधिकार है.