कश्मीर के अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी की तबीयत बिगड़ने की अफवाहों को लेकर घाटी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए अलर्ट जारी कर दिया गया है. ऑल पार्टीज हुरियत कान्फ्रेंस ने मुजफ्फराबाद (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर) से एक बयान जारी करते हुए कहा कि अगर गिलानी अंतिम सांस लेते हैं तो सभी इमाम समेत लोग श्रीनगर स्थित ईदगाह में एकत्र हों.
कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर, बशीर अहमद खान ने हुर्रियत नेता गिलानी की तबीयत को लेकर चल रही खबर को आधारहीन बताया है. उन्होंने कहा, सैयद अली शाह गिलानी की सेहत को लेकर जो खबर फैलाई जा रही है, वो आधारहीन है. कुछ समय पहले ही शेर-ए-कश्मीर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसकेआईएमएस) के निदेशक डॉक्टर जीएन अहनागर ने गिलानी के परिवार से बात की थी और पुष्टि की थी कि उनकी हालत स्थिर है."
Dr GN Ahnagar,Director of Sher-I-Kashmir Institute of Medical Sciences (SKIMS): I had sent a team of senior doctors to Geelani Sahab's residence day before yesterday. He was unwell that day but he is better today. His treatment is underway.There is no need to pay heed to rumours. https://t.co/cldngBLXg6 pic.twitter.com/0gM6XSGbsY
— ANI (@ANI) February 12, 2020
शेर-ए-कश्मीर आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉक्टर जीएन अहनागर ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा, "एक दिन पहले ही मैंने सीनियर डॉक्टर्स की एक टीम गिलानी साहब के घर भेजी थी. उस दिन उनकी तबीयत ठीक नहीं नहीं थी, लेकिन आज वह ठीक हैं. अफवाहों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है."
उधर, नई दिल्ली में सरकार के सूत्रों ने बताया कि गिलानी के स्वास्थ्य की स्थिति गंभीर है लेकिन उनका स्वास्थ्य स्थिर है.
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हुर्रियत ने दो पृष्ठ के बयान में घोषणा की है कि गिलानी (90) ने हाल ही में अपनी इच्छा जाहिर की है कि उनको श्रीनगर ईदगाह स्थित मजारे शुहदा में दफनाया जाए.