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J-K: 24 घंटे में फिर बाहरी बने आतंकियों का निशाना, कुलगाम में बिहार के दो मजदूरों की हत्या

जम्मू-कश्मीर में सेना के एंटी-टेरर ऑपरेशन से बौखलाए आतंकी एक के बाद एक गैर-कश्मीरियों को निशाना बनाते जा रहे हैं. रविवार को भी गैर-स्थानीय मजदूरों पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया.

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हमले के बाद जवानों ने पूरे इलाके को घेरा (फोटो: स्क्रीनग्रैब)
हमले के बाद जवानों ने पूरे इलाके को घेरा (फोटो: स्क्रीनग्रैब)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कुलगाम में बिहार के दो मजदूरों की आतंकियों ने की हत्या, एक घायल
  • वानपोह इलाके में आतंकवादियों ने मजदूरों के घर में घुसकर की हत्या

जम्मू-कश्मीर में सेना के एंटी-टेरर ऑपरेशन्स से बौखलाए आतंकी एक के बाद एक गैर-कश्मीरियों को निशाना बनाते जा रहे हैं. रविवार को भी गैर-स्थानीय लोगों पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया. दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकियों ने दो बिहार के रहने वाले मजदूरों की हत्या कर दी. इसके अलावा, एक शख्स घायल हो गया. आतंकियों ने घर में घुसकर लोगों की हत्या की. 

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मृतकों की पहचान बिहार के निवासी राजा और जोगिंदर के रूप में हुई है. इसके अलावा, घायल हुए शख्स का नाम चुनचुन देव है. बीते दिन भी आतंकियों ने पुलवामा और श्रीनगर में दो लोगों की गाोली मारकर हत्या कर दी थी. श्रीनगर में बिहार के रहने वाले अरविंद कुमार को निशाना बनाया गया था. वहीं पुलवामा में यूपी के निवासी सगीर अहमद को भी मार डाला गया था.

कुलगाम में हुए हमले की जम्मू-कश्मीर पुलिस ने भी पुष्टि की है. जानकारी के अनुसार, कुलगाम के वानपोह इलाके में आतंकियों ने गैर स्थानीय मजदूरों के घर में घुसकर उन पर फायरिंग कर दी, जिसमें उनकी मौत हो गई. जिस समय आतंकियों ने गोलीबारी की, उस दौरान वहां पर तीन लोग मौजूद थे और तीनों को गोलियां लगीं. इस हमले में एक शख्स घायल है.

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घटना के बाद पूरे इलाके को पुलिस और सेना के जवानों ने घेर लिया है और सर्च ऑपरेशन की शुरुआत कर दी है. सेना और स्थानीय पुलिस अज्ञात आतंकियों की खोजबीन में जुट गई है. इस महीने की शुरुआत से ही आतंकियों ने केंद्र शासित प्रदेश में आम नागरिकों को निशाना बनाना शुरू कर दिया था. इसमें यूपी, बिहार समेत कश्मीरी पंडित की भी हत्या की गई.

कश्मीर जोन पुलिस ने ट्वीट किया, ''कुलगाम के वानपोह इलाके में गैर स्थानीय मजदूरों पर आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग की. इस आतंकवादी घटना में 2 गैर-स्थानीय मारे गए और एक घायल हो गए. पुलिस और एसएफ ने इलाके की घेराबंदी कर दी है.''

घाटी में लगातार हो रहीं आम नागरिकों की हत्याओं को लेकर देशभर में गुस्से का माहौल है. जम्मू-कश्मीर सरकार से लेकर केंद्र सरकार तक इन आतंकियों से निपटने के लिए रणनीति तैयार कर रही है. आम नागरिकों को निशाना बनाए जाने के बाद से ही घाटी में सेना ने आतंकियों के एनकाउंटर्स करने की रफ्तार में भी इजाफा किया है. 

जम्मू-कश्मीर में टारगेट किलिंग में इजाफा
हाल के दिनों में जम्मू-कश्मीर में टारगेट किलिंग में तेजी आई है. आतंकवादियों आम लोगों को निशाना बना रहे हैं. बीते दिन पुलवामा और श्रीनगर में आम लोगों की हत्या करने से पहले आतंकियों ने सात अक्टूबर को श्रीनगर के ईदगाह इलाके में दो स्कूल टीचर्स की हत्या कर दी थी. आतंकियों ने स्कूल में घुसकर दोनों को पास से गोली मार दी. इससे पहले, 5 अक्टूबर को श्रीनगर में ही जाने-माने फार्मासिस्ट माखनलाल बिंद्रू की मेडिकल स्टोर में घुसकर हत्या कर दी गई . 68 साल के बिंद्रू उन चुनिंदा लोगों में थे, जिन्होंने 90 के दशक में भी कश्मीर नहीं छोड़ा था. 5 अक्टूबर को ही बिंद्रू की हत्या के एक घंटे बाद अवंतीपोरा में आतंकियों ने गोलगप्पे का ठेला लगाने वाले वीरेंद्र पासवान को मार डाला था.

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