वैष्णो देवी-भैरो घाटी रोपवे की सुविधा सोमवार से श्रद्धालुओं को मिलनी शुरू हो गई. रोपवे का काफी दिनों से इंतजार था क्योंकि कुछ श्रद्धालुओं को पहाड़ पर चढ़ने में दिक्कतें आ रही थीं. राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने राजभवन से ई-उद्घाटन के जरिये सोमवार दोपहर रोपवे का शुभारंभ किया.
इससे पहले रविवार दोपहर को रोपवे के ट्रायल लिए गए जिसमें करीब तीन हजार से भी अधिक श्रद्धालुओं ने सेवा का निशुल्क लाभ उठाया. रोपवे की सेवा लेने के लिए यात्रियों को 100 रुपए का भुगतान करना पड़ेगा.
ऐसा माना जाता है कि मां वैष्णो देवी के दर्शन करने के बाद भैरो के दर्शन करने से ही वैष्णो देवी की यात्रा पूर्ण होती है. हालांकि, माता वैष्णो देवी का दर्शन करने के बाद कई यात्री थकावट के कारण भैरो मंदिर नहीं जा पाते. दोनों मंदिरों के बीच की दूरी भी 3.5 किमी की है. उसके साथ ही खड़ी चढ़ाई होने से सभी श्रद्धालु वहां नहीं पहुंच पाते. इसे देखते हुए रोपवे की शुरुआत की गई है. इसकी मांग लंबे दिनों से हो रही थी.
#JammuAndKashmir Governor Satya Pal Malik e-inaugurates the Bhairon Ghati Passenger Ropeway that would be operational between Vaishno Devi shrine and Bhairon temple. pic.twitter.com/QDDx40s9KN
— ANI (@ANI) December 24, 2018
अब जब रोपवे सेवा शुरू हो गई है, बच्चे और बुजुर्ग आसानी से भैरो मंदिर जा सकेंगे और वहां पूजा अर्चना कर सकेंगे. रोपवे की सबसे अच्छी बात यह है कि 3.5 किमी का सफर अब मात्र 3 मिनट में पूरा होगा, जबकि पहले इतनी ही दूरी के लिए घंटों सफर करना पड़ता था.
प्रति घंटे जा सकेंगे 800 यात्री
श्री माता वैष्णोदेवी श्राइन बोर्ड (एसएमवीडीएसबी) के सीईओ सिमरनदीप सिंह के मुताबिक रोपवे सेवा सोमवार से शुरू हो गई है. जम्मू कश्मीर के रियासी जिले की त्रिकुटा पहाड़ी में गुफा मंदिर जाने वाले भक्तों के लिए यह सेवा शुरू की गई है. रोपवे से जुड़े सामान और केबिन स्विट्जरलैंड से मंगाए गए हैं. रोपवे से प्रति घंटे 800 यात्री सफर कर सकेंगे. अब वैष्णो देवी के दर्शन के बाद श्रद्धालु आसानी से भैरो देव के भी दर्शन कर सकेंगे.