माता वैष्णो देवी मंदिर के पास अगले साल सितंबर तक अपना आपदा प्रतिक्रिया बल होगा. एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को इसकी जानकारी दी. इस मंदिर में प्रति वर्ष दुनिया भर से लाखों श्रद्धालु आते हैं. श्री माता वैष्णो देवी मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सिमरनदीप सिंह ने कहा कि किसी भी तरह की आपदा की स्थिति में सबसे पहले पहुंचने वाले बोर्ड के कर्मचारियों का प्रशिक्षण पंजाब में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल(एनडीआरएफ) की सातवीं बटालियन के मुख्यालय में शुरू हो चुका है.
जम्मू क्षेत्र के रियासी जिले के त्रिकूटा की पहाड़ियों पर स्थित मंदिर में पिछले वर्ष 86 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे ज्यादा है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार सिमरनदीप सिंह ने कहा, '25 कर्मचारियों के पहले जत्थे का छह हफ्ते का प्रशिक्षण 18 मई को शुरू हुआ और यह लगभग पूरा होने वाला है. हम मंदिर का अपना आपदा प्रतिक्रिया बल बनाने के लिए 180 कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने की योजना बना रहे हैं.'
#JammuAndKashmir: Mata Vaishno Devi shrine will get a dedicated in-house disaster response force by September next year. pic.twitter.com/n610kOAO88
— All India Radio News (@airnewsalerts) June 24, 2019
अधिकारी ने बताया कि पहाड़ी इलाके को ध्यान में रखते हुए मंदिर बोर्ड और एनडीआरएफ ने इस वर्ष की शुरुआत में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया था. उन्होंने कहा, 'हमारे जिन कर्मचारियों की सेवा 15 से 20 वर्ष बची हुई है और जो तंदुरूस्त हैं, उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा. इन कर्मचारियों में सुरक्षा, चिकित्सा और सहयोग शाखा, सफाईकर्मी, रिसेप्शनिस्ट, सेल्समैन और खानपान सेवा शाखा के लोग शामिल होंगे.'
एनडीआरएफ की तारीफ करते हुए सिमरनदीप सिंह ने कहा कि आपदा से निपटने वाले संगठन ट्रेनिंग के लिए कोई चार्ज नहीं ले रहा है. श्राइन बोर्ड के कर्मचारी किसी भी तरह की दुर्घटना भूकंप, भूस्खलन या किसी अन्य आपातकालीन स्थिति से निपटने में कारगर साबित होंगे.
आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और मजबूत बनाने के वास्ते सीईओ ने कहा कि एनडीआरएफ की टीम ट्रैक और भवन क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर बोर्ड द्वारा स्थापित आपदा प्रबंधन स्टोरों का व्यापक ऑडिट करेगी. इससे जहां कहीं भी आवश्यकता होगी इनकी फिर से पूर्ति की जाएगी और नवीनतम उपकरणों को जोड़कर मजबूत किया जाएगा.