कटरा के प्रस्तावित रोपवे प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय लोगों ने अपना विरोध तेज कर दिया है. आज से तीन दिन तक यानी 72 घंटे पूरा कटरा बंद रखने का ऐलान किया गया है. इस बंद के कारण माता वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले तीर्थयात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा. कटरा में प्रस्तावित रोपवे परियोजना के विरोध में पिट्ठू वाले, दुकानदार और व्यापारी भी इस बंद का समर्थन कर रहे हैं.
श्री माता वैष्णोदेवी संघर्ष समिति ने हड़ताल की घोषणा करते हुए कहा है कि बंद के दौरान कटरा में सभी गतिविधियां स्थगित रहेंगी. समिति के प्रवक्ता ने कहा,'हमने रोपवे परियोजना के खिलाफ 72 घंटे के बंद की घोषणा की है. हम हड़ताल को सफल बनाने के लिए कटरा के सभी निवासियों का समर्थन चाहते हैं.'
बता दें कि वैष्णो देवी में करीब एक करोड़ श्रद्धालु हर साल दर्शन के लिए आते हैं. इसे देखते हुए ही श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने रोपवे लगाने का फैसला किया. इसका मकसद वैष्णो देवी यात्रा को बढ़ावा देने के साथ-साथ बुजुर्ग, बच्चों और बीमार श्रदालुओं को 13 किलोमीटर लंबे ट्रैक से छुटकारा दिलाना भी है.
रोपवे प्रोजेक्ट ताराकोट मार्ग से शुरू किया जा रहा है, जिसमें केबल कार ताराकोट मार्ग से लेकर सांझी-छत के बीच चलाई जाएगी. रोपवे प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद श्रद्धालु सिर्फ 6 से 7 मिनट में ताराकोट मार्ग से सांजी-छत पहुंच पाएंगे, जिससे आम श्रदालुओं के साथ-साथ बुजुर्गों तथा बीमार श्रदालुओं को भी माता वैष्णो देवी के दर्शन करने का सौभाग्य मिलेगा.
आखिर क्यों नाराज हैं व्यापारी-लोग
रोपवे शुरू होने के कारण आस्था के साथ खिलवाड़ होने की बात कही जा रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि वैष्णो देवी आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा का कोई महत्व नहीं रह जाएगा. श्रद्धालुओं को बाणगंगा चरण पादुका और अर्धकुमारी के दर्शन करने का मौका नहीं मिलेगा. कटरा वैष्णो देवी ट्रैक पर काम करने वाले दुकानदारों, घोड़ा, पिट्टू, पालकी चलाने वाले लोगों को डर सता रहा है कि कहीं उनका व्यापार छिन ना जाए.
स्थानीय लोगों तथा व्यापारियों में व्यापार डायवर्ट होने का खतरा बना हुआ है. बता दें वैष्णो देवी ट्रैक पर बाणगंगा से वैष्णो देवी की तरफ चढ़ाई में करीब दो हजार दुकानें हैं. पूरे ट्रैक पर करीब 12,200 घोड़ा, पिट्ठू, पालकी हैं. जो पिछले कई सालों से वैष्णो देवी यात्रा को चलाने में योगदान दे रहे हैं. इस बीच करीब 6 हजार मजदूर ऐसे भी हैं, जो दुकानों तक माल पहुंचाने का काम कर रहे हैं. रोपवे शुरू होने के बाद इन सब का गुजर-बसर प्रभावित होने की भी चिंता बनी हुई है.
क्या कहते हैं श्राइन बोर्ड के CEO
श्राइन बोर्ड के सीईओ अंशुल गर्ग का कहना है कि रोपवे प्रोजेक्ट के शुरू होने से बुजुर्गों तथा बीमार लोगों को भी माता वैष्णो देवी के दरबार में हाजिरी लगाने का मौका मिलेगा और श्राइन बोर्ड प्रशासन की पूरी कोशिश है कि कटरा के लोगों को निराश नहीं किया जाएगा.