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चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी... महिला ने दिया बच्ची को जन्म, रेलवे ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर पहुंचाया अस्पताल!

सूरत मालदा टाउन एक्सप्रेस से रांची आ रही एक महिला ने ट्रेन में बेटी को जन्म दिया. ग्रीन कॉरिडोर बनाकर राउरकेला से सूरत मालदा स्पेशल ट्रेन को हटिया रेलवे स्टेशन पर पहुंचाया गया. हटिया स्टेशन पर ट्रेन के आने के बाद महिला यात्री का प्राथमिक उपचार किया गया.

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ट्रेन में महिला ने बच्ची को दिया जन्म. (Representational image)
ट्रेन में महिला ने बच्ची को दिया जन्म. (Representational image)

सूरत से आ रही सूरत मालदा टाउन एक्सप्रेस में सफर कर रही महिला यात्री को अचानक प्रसव पीड़ा हुई, जिसके बाद महिला ने ट्रेन में बच्ची को जन्म दिया. रेलवे प्रशासन ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर ट्रेन को हटिया रेलवे स्टेशन पहुंचाया. रेलवे अस्पताल में महिला ने स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया. रेलवे अधिकारियों ने तत्परता दिखाई और यात्रियों ने भी सहयोग दिया. मां और बच्ची दोनों सुरक्षित हैं.

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जानकारी के अनुसार, सूरत मालदा टाउन एक्सप्रेस से रांची आ रही एक महिला ने ट्रेन में ही बेटी को जन्म दिया. हटिया स्टेशन पर ट्रेन पहुंची तो उसे मेडिकल हेल्प दी गई. महिला यात्री का नाम ऊषा देवी है, वह सूरत से रांची आ रही थी. राउरकेला स्टेशन से ट्रेन के आगे बढ़ाने के बाद उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो गई.

इसके बाद यात्रियों को इसकी सूचना दी. कुछ देर बाद महिला का ट्रेन में ही प्रसव हो गया. यात्रियों ने रेलवे प्रशासन को सूचना दी. रांची रेल मंडल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गोविंदपुर रेलवे स्टेशन में महिला यात्री को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई, इसी के साथ ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया, ताकि ट्रेन हटिया स्टेशन से पहले कहीं न रुके.

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हटिया स्टेशन पर ट्रेन के आने से पहले वहां मेडिकल टीम मौजूद थी, ट्रेन के आते ही महिला यात्री को प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया. बेहतर चिकित्सा के लिए मंडल रेल अस्पताल हटिया लाया गया, जहां डॉक्टर ने जांच के बाद बताया कि मां और बच्ची सुरक्षित और स्वस्थ हैं. सीनियर डीसीएम निशांत कुमार ने कहा कि रेलवे प्रशासन हमेशा यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए तत्पर रहता है. महिला यात्री को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई गई और ग्रीन कॉरिडोर के जरिए ट्रेन को शीघ्र हटिया पहुंचाया गया.

सीनियर डीसीएम निशांत कुमार ने आजतक को बताया कि ये सबकुछ टीम स्पिरिट और सदस्यों के अपने कर्तव्य को लेकर  प्रतिबद्धता के कारण संभव हो पाया.डीसीएम ने गोविंदपुर जाकर पेशेंट को अटेंड किया और इस नेक कार्य से जुड़े तमाम सदस्यों की तारीफ की.

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